अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने मंगलवार को संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के विरुद्ध चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। अधिकारियों को गैंगस्टरों और समाजविरोधी तत्वों से निडर होकर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए और कहा कि विभाग की ओर से उन्हें पूरी सुरक्षा व समर्थन मिलेगा। गैंगस्टरों के सहयोगियों की पहचान कर उन्हें जेल भेजने के निर्देश दिए। डीजीपी ने कहा कि अगले वर्ष सीधी भर्ती से 3400 कांस्टेबल पद भरे जाएंगे और जिला कैडर के 4500 अन्य पद भी सृजित किए गए हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। इसके अलावा 1600 पद सृजित किए हैं, जिनमें 150 इंस्पेक्टर, 450 सब-इंस्पेक्टर और 1000 एएसआई शामिल हैं, जिन्हें पदोन्नति से भरा जाएगा।
डीजीपी ने युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम के अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रशंसा की, लेकिन बड़ी मछलियों तक पहुंचने के लिए पेशेवर जांच की जरूरत पर जोर दिया। डीजीपी ने निर्देश दिया कि कुख्यात सप्लायरों के जब्त किए गए मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएं, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके और आगे गिरफ्तारियां की जा सकें।