पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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पंजाब के सरकारी विभागों में कार्यरत विदेशों में बैठे अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पंजाब विजिलेंस ने सूबे के सभी विभागों से विदेशों की पीआर ले चुके अधिकारियों का रिकॉर्ड मांग लिया है। प्राथमिक जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि अभी तक 200 अधिकारी विदेश की पीआर ले चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें एक आईएएस और दो पीसीएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
पंजाब सरकार ने हाल ही में नागरिक आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी को इस तथ्य को छिपाने के लिए बर्खास्त किया है। बर्खास्त अधिकारी पिछले 15 साल से कनाडा की पीआर हासिल कर चुका था। इससे पहले 2015 में विजिलेंस ने जांच की थी। इसमें यह खुलासा हुआ था कि लगभग 130 राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों ने सेवा नियमों के उल्लंघन में पीआर या ग्रीन कार्ड प्राप्त कर लिया है, लेकिन तब कोई कार्रवाई सरकार की ओर से नहीं की गई। इस रिपोर्ट के सात साल बाद नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने उप निदेशक राकेश कुमार सिंगला को उनके निवास का दर्जा छिपाने के लिए बर्खास्त कर दिया गया।
केंद्रीय नियमों का दिया हवाला
पंजाब विजिलेंस की ओर से विभागों को भेजे गए पत्र में इस मामले में केंद्रीय नियमों का हवाला दिया गया है। कहा गया है कि जब तक कोई सरकारी सेवा में है, तब तक किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को किसी भी देश के लिए आवेदन या प्रवास की तलाश नहीं करनी चाहिए। पीआर लेना पंजाब सिविल सेवा नियम 1970 के उल्लंघन के दायरे में आता है।