संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। बरसात के मौसम में घग्गर नदी पर पुलिस की ओर से धारा-144 लगाई गई है। मगर जिम्मेवार अफसरों की लापरवाही के कारण यह बेअसर साबित हो रही है। रविवार को महिला के बहने के बाद सोमवार को कई छोटे-छोटे बच्चे घग्गर नदी के पिल्लरों के पास और पानी में खेलते हुए दिखाई दिए। इसके अलावा कुछ लोग अपने मवेशियों को चराने के लिए भी घग्गर नदी में पहुंचे हुए थे। दोपहर के समय एक गाड़ी भी नदी में देखी गई। ऐसा नजारा दिनभर घग्गर नदी में लगा रहता है।
एक बच्चे से पूछने पर उसने बताया कि वह सेक्टर-21 के पास रहता है। अक्सर नदी में खेलने के लिए आते हैं। बरसाती मौसम में हर साल घग्गर नदी में हादसे होते हैं। यह पहली बार नहीं है कि अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण उसमें कोई फंस गया हो। इसका कारण यह है कि आए साल स्थिति बिगड़ने के बावजूद भी प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। न वहां कोई टीम नियुक्त की जा रही है और न ही लोगों को वहां जाने से रोकने के लिए कोई इंतजाम किए जा रहे हैं।
हर साल हालात पहले से खराब होते जा रहे हैं। धारा-144 होने के बावजूद लोग घग्गर नदी के बीच तक जा रहे हैं। मगर जिला प्रशासन की ओर से इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई करना तो दूर की बात निगरानी भी नहीं की जा रही है। इस मामले में एहतियात के तौर पर धारा-144 लगाकर अधिकारियों ने खानापूर्ति कर दी है। रविवार को हुए तीन बड़े हादसों के बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही की जा रही है।
रविवार को कार समेत बह गई थी महिला
रविवार को एमडीसी सेक्टर-5 निवासी संगीता पूजा का सामान नदी में प्रवाहित करने गई थी। अचानक पानी आता देख उसने वहां से गाड़ी में बैठकर निकलने का प्रयास किया, मगर पानी की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि वो गाड़ी को ही बहा ले गई। वहां से गुजर रहे युवकों ने जान पर खेलकर महिला की जान बचाई। वहीं इसके कुछ देर बाद ही सेक्टर-21 से सेक्टर-27 जा रहे दो परिवार के 8 सदस्य भी बीच घग्गर जाकर फंस गए। उनको बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीम बुलानी पड़ी। तीसरी घटना अमरावती के पास हुई। ढालुवाल गांव निवासी 21 वर्षीय युवक दीनदयाल घग्गर में आए उफान में बह गया। एक ही दिन में तीन बड़े हादसे होने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से कोई एहतियात तक नहीं बरती जा रही है।
बरसाती मौसम के चलते नदियों पर और उनके आस-पास धारा-144 लगाई गई है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए गए हैं। अगर कोई भी व्यक्ति नदी में जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। धारा-144 के पालन के लिए निगरानी कराई जाएगी। अगर कोई अधिकारी इस मामले में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुमेर प्रताप सिंह, डीसीपी, पंचकूला