एचएसवीपी ने कराई मुनादी, सप्लाई वाली नलों की टोंटियां खुली रखें, दूषित पानी बहने दें
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। अभयपुर में दूषित पेयजल की आपूर्ति से फैले डायरिया से बुधवार को एक अधेड़ की मौत हो गई है। चार दिन में 26 लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 12 टीमें मैदान में उतारकर डोर-टू-डोर दवाइयां बांटनी शुरू कर दी हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पाइप लाइनों की सफाई कर मुनादी कराई है कि दो दिन सप्लाई का पानी इस्तेमाल न करें। क्षेत्र में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रह रही है, उसको ही इस्तेमाल करें। पानी के 18 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। आठ दिन में पूरे जिले में 90 लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं।
कई दिनों से पानी की आपूर्ति बंद करने के बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने बुधवार देर रात से पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। इसे लेकर दिन में एचएसवीपी की तरफ से मुनादी कराकर सप्लाई का पानी इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि सप्लाई के नलों की टोंटी खोल दें, जिससे दूषित पानी निकलकर साफ पानी आने लगेगा। लोग घरों में सप्लाई का पानी बर्तन में न इकट्ठा करें। पेयजल के लिए अभयपुर में टैंकर से सप्लाई की जा रही है। उसका ही इस्तेमाल करें।
साढ़े चार हजार घरों की जांच की
अभयपुर में लगातार डायरिया के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दौरा किया। टीम ने दौरा करते हुए चार सैंपल पानी के लिए। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दौरा कर अभयपुर से 18 जगह से पानी के सैंपल लिए हैं। अब तक साढ़े चार हजार घरों की चेकिंग की गई है। बुधवार को भी 12 टीमों को तैनात किया गया था। इसमें आशा वर्कर, एएनएम सहित अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है। डायरिया से बचाव के लिए एचएसवीपी को लेटर लिखा गया था। इसके बाद भी यह हालात में सुधार नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोबारा लेटर लिखे जाने के बाद भी एचएसवीपी ने कोई काम नहीं किया।
सीवर पाइप लाइन की लीकेज नहीं सुधरी
अभयपुर में सीवर पाइप लाइन की लीकेज को ठीक नहीं किया गया है। इस कारण पीने के पाइप लाइन में इसका रिसाव बंद नहीं हुआ है। इस कारण साफ पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। यहां पर संक्रमित बीमारियां हर सीजन में बनी रहती हैं। हमारी मांग है कि इसे संबंधित विभाग यहां की पाइप लाइन को नया लगाए। तभी हालत में सुधार होगा। - एसके मान, निवासी अभयपुर
नहीं किया छिड़काव
संक्रामक बीमारी फैलने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दवाई का छिड़काव नहीं किया गया है। इस कारण यहां पर सफाई का भी अभाव रहता है। सीवर जाम होने के बाद भी सफाई नहीं होती है। इस कारण संक्रामक बीमारी फैल रही है। सुधार के लिए काम नहीं हो रहा है। इस कारण हर मौसम में यहां लोग ठीक नहीं रहते हैं। -करनैल सिंह, निवासी अभयपुर
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच टीमों ने पानी का सैंपल लिया है। संबंधित विभागों से तालमेल बनाकर अभयपुर में सभी व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया जा रहा है। अगर किसी भी मरीज में डायरिया के लक्षण हैं, तो वह अस्पताल में आकर अपनी जांच करवा सकता है। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
एक दिन पहले ही अस्पताल में हुआ भर्ती
पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र स्थित फेज-2 के अभयपुर में डायरिया पीड़ित 45 वर्षीय अधेड़ एक दिन पहले ही नागरिक अस्पताल में भर्ती हुआ था। पंचकूला में डायरिया से मौत का यह पहला केस है। पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि 45 वर्षीय अधेड़ को अन्य बीमारियां भी थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौत के बाद घर का सर्वे किया है। पंचकूला जिला मलेरिया अधिकारी सुरेश भोसले ने बताया कि डायरिया के अब तक तीन नवंबर से अब तक पंचकूला में 90 मामले सामने आ चुके हैं।