पंचकूला। सावन के पहले सोमवार को शहर में भगवान भोलेनाथ के भक्तों ने पूजा अर्चना कर शिवलिंग का अभिषेक किया। कहीं मालपूड़े और खीर के भंडारे लगाए तो कहीं अन्य धार्मिक आयोजन किए गए। शहर के मंदिरों में भक्तों ने शिवलिंग का दूध से अभिषेक किया और बेलपत्र अर्पित किए। शहर के सेक्टर-9, सेक्टर-19, श्री माता मनसा देवी, शिवधाम एमडीसी सहित अन्य सभी मंदिरों में महादेव की पूजा कर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास किया गया। सबसे ज्यादा भीड़ महादेवपुर (सकेतड़ी के नाम से प्रसिद्ध) के शिव मंदिर में रही। लोगों ने लाइन में लगकर भोलेनाथ के दर्शन किए।
सोमवार को भगवान शिव का दिन कहा जाता है। सावन का हर दिन भगवान शिव का ही माना जाता है। लोग पूरे महीने भगवान शिव की आराधना करते हैं। सावन के सोमवार का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। कहा जाता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं। इस बार सावन के पहले सोमवार को शहर के मंदिरों में भी भक्तिमय माहौल रहा। सभी मंदिरों में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक किया। सबसे ज्यादा उत्सव महादेवपुर (सकेतड़ी के नाम से प्रसिद्ध) के मंदिर में रहा। सुबह 4 बजे से ही लोग मंदिर में पहुंचना शुरू हो गए थे। शाम तक लाइनों में लगकर लोगों ने भगवान शिव का अभिषेक किया।
खीर और मालपूड़े का भंडारा
शिक्षा सदन के सामने सावन के पहले सोमवार पर खीर और मालपूड़े का भंडारा लगाया गया। मालपूड़े देशी घी से बनाए गए थे। खीर में काजू-किशमिश डाले गए थे। भोलेनाथ का प्रसाद ग्रहण करने के लिए लोगों में भी काफी उत्साह दिखाई दिया। इसके अलावा मनसा देवी कांपलेक्स में भी भंडारे का आयोजन किया गया।
सेक्टर-7 में श्री शिव महापुराण का शुभारंभ
पंचकूला। सेक्टर-7 स्थित श्री दुर्गा मंदिर में सोमवार से श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया गया। पहले दिन कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह श्री दुगबज शिवालय से चलकर श्री दुर्गा मंदिर कथा स्थल तक पहुंची। पंडित गणेशानंद शास्त्री श्रद्धालुओं को कथा सुनाएंगे। कथा का समय शाम 4 से 7 बजे तक होगा। मंदिर प्रधान अशोक जिंदल और महासचिव लाजपत राय बंसल ने बताया कि कथा से पहले हर रोज पूजा एवं रुद्राभिषेक सुबह 8 से 10 बजे तक किया जाएगा। कथा के समापन पर 24 जुलाई को सुबह 8 से 10 बजे तक हवन किया जाएगा। इसके बाद 12:30 बजे तक कथा और दोपहर 1:00 बजे भंडारा लगाया जाएगा। इस मौके पर कोषाध्यक्ष सत्या भगवान सिंगला, आईडी मित्तल, रोशनलाल गर्ग, मोतीलाल जिंदल, सतीश कुमार, मंदिर कीर्तन मंडली, तरसेम गर्ग व अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।