चंडीगढ़। भाजपा और जजपा के विधायक दल की मंगलवार को हुई संयुक्त बैठक में विधायकों को पंचायत के कार्यो में नुमाइंदगी की शक्ति दे दी गई। पंचायतों को जो राशि विकास कार्यों के लिए मंजूर होगी उसमें विधायकों का पूरा दखल रहेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसके लिए हामी भर दी है। बैठक में कई विधायकों ने यह मुददा उठाया था कि सीधे पंचायतों को काम-काज दे दिया जाएगा तो विधायक की पूछ कम हो जाएगी।
2024 में विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे में गांव में वोट मांगने के लिए भी जाना है। जनप्रतिनिधि होने के नाते विकास कार्यों में विधायकों की भागीदारी अहम है। विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मीडिया के सामने साफ कर दिया कि विकास कार्यों को लेकर विधायक पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठेंगे और उनकी पूरी हिस्सेदारी रहेगी। सीएम ने बताया कि पंचायत चुनाव के बाद नई पंचायतें बन गई हैं। अब इन संस्थाओं को आगे कैसे काम करना है इस बात को लेकर बैठक में चर्चा हुई। शहरी स्थानीय निकाय के कार्यों को भी गति प्रदान करनी है। लिहाजा ग्राम पंचायत, जिला परिषद, नगर परिषद, पालिका और निगम के काम संस्तुति के लिए प्रदेश सरकार के पास नहीं आएंगे। मार्च माह करीब है, ऐसे में विकास की राशि लैप्स न हो जाए, इसे ध्यान में रखते हुए 1100 करोड़ की राशि इन संस्थाओं के खाते में तीन दिन के अंदर डालने के आदेश दिए गए हैं। इस दौरान शहरी स्थानीय निकाय और पंचायत विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
15 दिन बाद फिर होगी विधायक दल की बैठक
सीएम ने कहा कि जो बजट इन संस्थाओं को अलॉट किया गया है उससे अधिक राशि की जरूरत होगी तो सरकार इन संस्थाओं की मदद करेगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। 15 दिन बाद फिर से विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें दो अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और विधायकों से प्रगति रिपोर्ट पूछी जाएगी।
दुष्यंत, नैना और संदीप नहीं पहुंचे
विधायक दल की बैठक में जो विधायक नहीं आए उनको लेकर चर्चा होती रही। सबसे अधिक चर्चा मंत्री संदीप सिंह की थी कि वे बैठक में क्यों नहीं आए। इसके अलावा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला दिल्ली दौरे पर होने और नैना चौटाला पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण बैठक में नहीं पहुंचीं।