चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा क्लर्क की भर्ती में प्रतीक्षा सूची जारी करते हुए पारदर्शिता न बरतने और वेटिंग सूची में कट ऑफ से अधिक अंक होने के बावजूद सूची में नाम न होने पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई तक एक सीट आरक्षित रखने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए सोनीपत निवासी भारती ने एडवोकेट राहुल मक्कड़ के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने क्लर्क के 4858 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके बाद भर्ती की प्रक्रिया पूरी हुई और परिणाम जारी किया गया। परिणाम आने के बाद याची चयनित सूची में नहीं थी लेकिन प्रतीक्षा सूची के अनुसार उसे शामिल किया जाना चाहिए था। याची ने बताया कि वह सामान्य श्रेणी में कट ऑफ लिस्ट में आखिरी आवेदक के अंक 68 थे जबकि याची को 70 अंक मिलने के बावजूद सूची में स्थान नहीं दिया गया। याची ने बताया कि उसे लिखित परीक्षा के 60, सामाजिक व आर्थिक स्थिति के 5 तथा कम आयु में पिता की मृत्यु के 5 अंक मिले थे। ऐेसे में याची को सूची में शामिल किया जाना चाहिए था जो नहीं किया गया। साथ ही यह भी बताया कि वेटिंग सूची जारी करते हुए केवल रोल नंबर जारी किए गए और बाकी जानकारी नहीं दी गई। हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई पर एचएसएससी को इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश् दिया है।