चंडीगढ़। पंजाब सरकार और मुलाजिमों के बीच बात की शुरुआत करते हुए शुक्रवार को सरकार द्वारा पेंशन संबंधी मामलों के लिए गठित रेड्डी कमेटी ने मुलाजिम जत्थेबंदियों से बातचीत की। इस बैठक में अन्य जत्थेबंदियों के साथ पंजाब सिविल सचिवालय की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी हिस्सा लिया।
यहां सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) में हुई बैठक के बाद ज्वाइंट एक्शन कमेटी के महासचिव सुखचैन सिंह खैरा ने बताया कि रेड्डी कमेटी के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई और सीनियर आईएएस अधिकारी डीपी रेड्डी, जोकि कमेटी के चेयरमैन हैं, की ओर से जत्थेबंदियों की बातों को विस्तार से सुना गया। कमेटी में नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के प्रतिनिधि सुशील कुमार ने बताया कि जत्थेबंदी की यही एकमात्र मांग है कि कांग्रेस सरकार द्वारा अपने चुनाव मैनिफेस्टो में किए वादे के अनुसार पुरानी पेंशन स्कीम बहाल किया जाए। साढ़े चार साल से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक सरकार ने इस संबंध में कोई बैठक नहीं बुलाई। शुक्रवार हुई पहली बैठक में पुरानी पेंशन बहाल करने पर ही जोर दिया गया।
उन्होंने बताया कि कमेटी के चेयरमैन रेड्डी ने इस मामले में कुछ और समय लगने की बात कही है क्योंकि इस संबंध में भविष्य में पेश आने वाली मुश्किलों का मूल्यांकन भी किया जाना है। कमेटी ने भरोसा दिलाया गया है कि पूरे मामले पर कमेटी अपनी रिपोर्ट अगस्त के पहले हफ्ते में पंजाब सरकार को सौंप देगी। सुशील कुमार ने कहा कि एनपीएस स्कीम को भी पंजाब सरकार की तर्ज पर पूरी तरह अडॉप्ट नहीं किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा एनपीएस स्कीम के तहत विधवा पेंशन, गुमशुदा मुलाजिम की पारिवारिक पेंशन और 1 जनवरी 2004 से 28 अक्तूबर 2009 के दौरान भरती मुलाजिमों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम अडॉप्ट करने संबंधी उपबंध किए गए हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने यह उपबंध अडॉप्ट नहीं किए।