पार्क, वॉकिंग ट्रैक, बोटिंग और पर्यटक सुविधाएं विकसित करने का सुझाव पिंजौर गार्डन-कालका-मोरनी से जोड़ने की मांग
एसोसिएशन ने संयुक्त टीम गठित कर विस्तृत योजना और डीपीआर तैयार करवाने का अनुरोध किया
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीमंदिर। अमरावती एनक्लेव रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पिंजौर स्थित कौशल्या डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा ने हरियाणा सरकार, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन से डैम क्षेत्र में पार्क, वॉकिंग ट्रैक, बोटिंग समेत पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने और इसे पिंजौर गार्डन, कालका व मोरनी से जोड़कर पर्यटन सर्किट बनाने का अनुरोध किया है।
एसोसिएशन ने कहा कि कौशल्या डैम के आसपास पहाड़ी क्षेत्र, जलाशय, हरियाली और शांत वातावरण होने के कारण यहां पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। डैम तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत, चौड़ीकरण और उचित दिशा-सूचक बोर्ड लगाने का भी सुझाव दिया गया है।
पार्क, ट्रैक और पर्यटक सुविधाएं हों
एसोसिएशन ने डैम के आसपास सुंदर पार्क, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, बैठने की व्यवस्था, वॉकिंग-जॉगिंग ट्रैक, शौचालय, पार्किंग, पीने का पानी, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा और सफाई की व्यवस्था करने की मांग की है। पर्यटकों की सहायता के लिए सूचना केंद्र बनाने का भी सुझाव दिया गया है।
फिल्म शूटिंग और रोजगार की संभावनाएं
एसोसिएशन के अनुसार डैम का प्राकृतिक वातावरण फिल्मों, वेब सीरीज, विज्ञापनों और प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए उपयोगी हो सकता है। नेचर वॉक, एडवेंचर जोन, कैंपिंग, डे टूरिज्म, बोटिंग और अन्य सुरक्षित गतिविधियों की संभावनाओं का भी अध्ययन करने का सुझाव दिया गया है।
एसोसिएशन का कहना है कि पर्यटन विकसित होने से आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। फूड कोर्ट, स्थानीय हस्तशिल्प बाजार, पर्यटक गाइड, टैक्सी, होटल, होम-स्टे और अन्य छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। एसोसिएशन ने पर्यटन, सिंचाई और जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर विस्तृत योजना और डीपीआर तैयार करवाने की मांग की है। साथ ही कौशल्या डैम को पिंजौर गार्डन, कालका और मोरनी जैसे पर्यटन स्थलों से जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित करने का सुझाव दिया है।