500 ग्राम अफीम बरामदगी मामले में पुलिस चार दिन बाद भेज सकी सैंपल, स्वतंत्र गवाह भी नहीं बनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सात साल पुराने एनडीपीएस मामले में जांच की खामियों का लाभ आरोपी राम सेवक को मिला। अदालत ने 500 ग्राम अफीम बरामदगी के मामले में उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। पुलिस ने 12 जुलाई 2019 को सेक्टर-16 स्थित ओल्ड लेबर चौक के पास से राम सेवक को गिरफ्तार कर अफीम बरामद करने का दावा किया था। सैंपल 12 जुलाई की बजाय 16 जुलाई को फोरेंसिक साइंस लैब भेजा गया। पुलिस देरी की संतोषजनक वजह नहीं बता सकी। अदालत के समक्ष सैंपल की सुरक्षित कस्टडी, सीलिंग और सीएफएसएल फॉर्म को लेकर भी दस्तावेजी कमियां सामने आईं। सार्वजनिक स्थान पर कार्रवाई के बावजूद कोई स्वतंत्र गवाह नहीं बनाया गया। अदालत ने माना कि अभियोजन बरामदगी और सैंपल की कस्टडी चेन को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इन खामियों का लाभ देते हुए राम सेवक को बरी कर दिया गया।