चंडीगढ़ में पले बढ़े दीपक राज ऑस्ट्रेलिया कैपिटल टेरेटरी असेंबली में पहले भारतीय एमएलए बने हैं। उन्होंने भारतीय परंपरा का निर्वहन करते हुए ऑस्ट्रेलिया में भी अपने पद की गोपनीयता की शपथ भगवत गीता पर हाथ रखकर ली। शपथ लेने के बाद उन्होंने भगवत गीता को पार्लियामेंट को भेंट कर दी।
दीपक राज ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए गए थे। उन्होेंने वहां गाड़ियां धोईं, रेस्टोरेंट में काम किया और उसके साथ ही पढ़ाई करते रहे। उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाया। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया इंडिया बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष के पद पर दस साल रहे। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के गंगालिन हलके से एमएलए का चुनाव लड़ा और निर्वाचित हुए।
दीपक राज ने अपनी शिक्षा चंडीगढ़ से हासिल की। दीपक राज ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-16 मॉडल स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा हासिल की और उसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 से ग्रेजुएशन की। दीपक राज ने अपने पार्लियामेंट में दी गई स्पीच के दौरान अपने माता पिता को याद करने के साथ साथ चंडीगढ़ को भी याद किया।
उन्होंने बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों ने उन्हें खासा प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई कर्नल अनिल राज और भाभी चंडीगढ़ में रहते हैं। उनके भाई कर्नल अनिल राज ने बताया कि यह उपलब्धि काफी बेहतरीन है और वह गर्व महसूस कर रहे हैं।