चंडीगढ़। 5 नवंबर को होने वाले देशव्यापी चक्काजाम की रणनीति बनाने को लेकर 30 किसान जत्थेबंदियों ने पंजाब में मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए 15 दिन का और समय देने का फैसला किया है। इसके साथ ही धरना स्थल के स्थान में परिवर्तन करते हुए उन्होंने ट्रैक और स्टेशनों को खाली कर रेलवे पार्क में धरना देने का निर्णय किया। वार्ता के लिए पहुंचे पंजाब सरकार के मंत्रियों को पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के लिए किसान जत्थेबंदियों ने मना कर दिया। किसान भवन में बुधवार को आयोजित किसान जत्थेबंदियों की बैठक के उपरांत भारतीय किसान यूनियन के बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि पांच नवंबर को मालगाड़ियों को दिया समय समाप्त हो रहा है। सभी वर्गों और सूबे के हित को देखते हुए मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए 15 दिन का और समय देने का निर्णय किया है। पंजाब सरकार के मंत्री सुखबिंदर सिंह रंधावा को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि सरकार के जो मंत्री आये थे, उन्होंने कहा था कि आप पैसेंजर व मालगाड़ी को छूट दे, लेकिन हमने पैसेंजर को छूट नही दी। उन्होंने बताया कि वीरवार को शाम चार बजे रिलायंस पंप मालिकों को लेकर फैसला किया जाएगा। रेलवे कर्मियों को सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र झूठे आरोप लगा रहा है, रेलवे कर्मी हमारे बच्चों की तरह हैं उन्हें हम नुकसान नही पहुंचा सकते। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ आंदोलन को प्रभावित करने के लिए हालात खराब होने का ड्रामा कर रही है। भाजपा के जिला अध्यक्षों के साथ ही प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के खिलाफ उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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किसान संघर्ष के रास्ते पर है, दबने वाला नहीं
पंजाब के मुख्यमंत्री से मुलाकात पर राष्ट्रपति के मना करने पर किसान यूनियनों ने दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को ऐसा नहीं करना चाहिए था। केंद्र का जो रवैया कृषि कानूनों को लेकर चल रहा है वह उसी तरह से है, जैसे जम्मू कश्मीर में किया, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है कि जब किसान संघर्ष के रास्ते पर है तो वह दबने वाला नहीं है।
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आज देशव्यापी चक्का जाम
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान यूनियनें देश भर में 5 नवंबर को चक्का जाम करने जा रही हैं। किसान नेताओं ने बताया कि किसान महासंघ की चार नवंबर को बैठक हुई है, जिसमें 187 संगठनों ने शिरकत की, जिसमें तय किया गया कि दिल्ली में 26 व 27 नवंबर को होने वाला संघर्ष केंद्र को हिला कर रख देगा। इस आंदोलन की रणनीति के लिए 18 नवंबर को अगली बैठक में रणनीति बनाई जाएगी। यह बैठक किसान भवन चंडीगढ़ में होगी।
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डीप सिंधु को छोड़ सभी गायक हमारे साथ
गायकों के समर्थन पर किसान जत्थेबंदियों में शामिल किसान नेताओं ने बताया कि शम्बू मोर्चे पर कुछ बातें जरूर हो रही है, लेकिन हमारी तरफ से कोई भी विवाद नही हो रहा। डीप सिंधु को छोड़ कई गायक हमारे साथ आये थे और वह अब भी साथ हैं। वह किसान आंदोलन को लेकर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर रहे हैं।
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भाकियू (उगराह) की न, निजी थर्मल प्लांटों के रेल ट्रैक पर जारी रहेगा धरना
भारतीय किसान यूनियन (उगराह) ने कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह रंधावा को निजी थर्मल प्लांटों को जाने वाले रेलवे ट्रैक को खाली करने से मना कर दिया है। भाकियू उगराहा के प्रधान जोगेंद्र सिंह उगरहा ने बताया कि मंत्रियों के साथ हमारी बैठक बेनतीजा रही। बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि वह निजी थर्मल प्लांटों के ट्रक से नहीं उठेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अपने सरकारी थर्मल प्लांटों को चलाएं उसमें हम किसी भी तरह की अड़चन पैदा नहीं कर रहे और जिस तरह से केंद्र सरकार का रवैया रहा है उसमें स्पष्ट होता है कि वह जानबूझकर मालगाड़ी के नहीं भेज रहे और अगर हमारे उठने की बात को लेकर के सरकार बार-बार दबाव बना रही है तो हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम निजी थर्मल प्लांटों के साफ तौर पर खिलाफ हैं और आगे भी रहेंगे।
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