सभी केंद्रों के ध्यानार्थ
फाजिल्का के डीसी का अजब-गजब फरमान
पुरुषों को टी-शर्ट और महिलाओं को बिना दुपट्टा आफिस आने पर लगाई रोक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फाजिल्का के डीसी की ओर से अपने अधीन सरकारी दफ्तरों में पुरुष और महिला कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू कर नया विवाद खड़ा कर दिया गया है। डीसी ने पुरुष कर्मचारियों के टी-शर्ट पहनकर और महिला कर्मचारियों के बिना दुपट्टा ओढ़े दफ्तरों में आने पर रोक लगा दी है।
डीसी की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में कहा है कि देखने में आया है कि पुरुष कर्मचारी ड्यूटी पर टी-शर्ट पहनकर और महिला स्टाफ बिना दुपट्टे के दफ्तर पहुंचती हैं। इसे देखते हुए सभी कर्मचारियों को हिदायत है कि कोई भी कर्मचारी दफ्तरी समय के दौरान टी-शर्ट पहनकर और महिला स्टाफ बिना दुपट्टे के दफ्तर में न आएं। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी उक्त आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत : पिता जैसा व्यवहार करें ससुर जैसा नहीं
इस बीच, फाजिल्का के डीसी द्वारा जारी आदेश को तालिबानी करार देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक वकील एचएस अरोड़ा ने ई-मेल के जरिये पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर फाजिल्का के डीसी द्वारा जारी आदेश को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि महिलाएं दुपट्टे के बिना दफ्तर आकर किसी आचार संहिता का उल्लंघन नहीं कर रहीं और न ही राज्य में ऐसा कोई ड्रेस कोड ही लागू किया गया है। इसी तरह पुरुष कर्मचारी भी टी-शर्ट पहनकर कोई अनुशासनहीनता नहीं कर रहे हैं। एडवोकेट अरोड़ा ने लिखा कि फाजिल्का के डीसी को सलाह दी जाए कि वे सभी विभागों के स्टाफ के लिए पिता की तरह व्यवहार करें न कि ससुर की तरह।