अदालत बोली-अपराध की गंभीरता और आपराधिक इतिहास देखते हुए राहत नहीं, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। लूट, अपहरण और चोरी के मामले में आरोपी दारा सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए अपराध की गंभीरता और आपराधिक इतिहास को अहम आधार माना।
मामला 2 जुलाई 2025 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता आरिफ शेख के अनुसार, वह मर्सिडीज कार से मोहाली जा रहे थे। सेक्टर-1 स्थित माजरी चौक के पास आरोपियों ने उन्हें रोककर अगवा किया और पिंजौर के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर दो आईफोन, नकदी और सोने की चेन लूट ली। इसके बाद आरोपी उन्हें कार से बाहर धकेलकर वाहन लेकर फरार हो गए।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि दारा सिंह को झूठा फंसाया गया है और उसका नाम मूल एफआईआर में नहीं था। साथ ही कहा कि वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है और ट्रायल में सहयोग करेगा।
वहीं, सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि आरोपी आदतन अपराधी है और पहले से ही पंजाब के कीरतपुर साहिब थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में रूपनगर जेल में बंद है। अभियोजन के अनुसार वारदात में इस्तेमाल वाहन भी चोरी का था।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत पर निर्णय लेते समय अपराध की प्रकृति और उसके सामाजिक प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही आशंका जताई कि आरोपी रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है या दोबारा अपराध कर सकता है। इन्हीं आधारों पर जमानत याचिका खारिज कर दी गई।