पंचकूला। राजकीय पशु चिकित्सालय खेडांवाली में डॉ. विकास जागलान को एक पशुपालक मेहरदीन ने अपने घोड़े की परेशानी बताई। डॉक्टर ने घोड़े का निरीक्षण करते वक्त उसकी आंख में एक परजीवी को घूमते देखा। उन्होंने बताया कि यह एक सिटेरीया नामक परजीवी है, जिसका लारवा मच्छर के काटने से खून के माध्यम से आंख में चला जाता है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा विज्ञान में आज के समय में दवाइयों से घोड़े का सुरक्षित इलाज संभव है। डॉ. विकास ने घोड़े का मुफ्त इलाज किया। साथ ही पशुपालक को घोड़े की आंख की सफाई का ध्यान रखने और सिंदूर आदि न डालने को कहा। पशुपालक ने घोड़े की आंख में सिंदूर डाला हुआ था।