पुलिस कार्रवाई न होने से थाने पहुंचीं महिलाएं
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पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज करीब दो दर्जन से ज्यादा महिलाएं और पुरुष सोमवार को पिंजौर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े करते हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे को झूठा बताया।
महिंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की शादी पंजाब में करीब 2 महीने पहले नसीब सिंह से हुई थी। महिंद्र सिंह ने ससुराल पक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसकी बेटी को कमरे में बंद किया हुआ था। इसके अलावा उसके पति और सास ने डंडों और सरिये से पिटाई की।
आरोप लगाया कि वह शिकायत लेकर पिंजौर थाने गया लेकिन उसे पंजाब के नया गांव थाने भेज दिया। नयागांव थाना पुलिस ने उन्हें वापस पिंजौर थाने भेज दिया। पिंजौर थाना पुलिस ने एसपी पंचकूला भेजा। वहां से महिला थाने में गया तो उन्होंने फिर दोबारा नया गांव थाने जाने की सलाह दी।
पीड़ित पिता ने कहा कि वे अपनी समस्या को लेकर कहां जाएं। जहां भी जाते हैं पुलिस कार्रवाई करने की बजाया इधर उधर जाने की सलाह दे रही है। जब इस बाबत एसएचओ कालका से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला पहले ही पंजाब के थाने में दर्ज है।
इसके अलावा शिकायतकर्ता किसी भी थाने में 498 की कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है। पुलिस शिकायत के आधार पर दहेज प्रताड़ना की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।