ट्राइसिटी से चोरी करने के दो आरोपियों से डिटेक्टिव स्टाफ ने 37 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। बरामद वाहनों में 34 स्प्लेंडर जबकि तीन एक्टिवा हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिंद्र सिंह उर्फ लक्की और जगदीप सिंह उर्फ जग्गी डेराबस्सी मोहाली निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को सात दिन के रिमांड पर लिया था।
रिमांड के दौरान आरोपियों से डिटेक्टिव स्टाफ ने चोरी के वाहन बरामद किए आरोपियों ने औद्योगिक क्षेत्र से भी एक मोटरसाइकिल चोरी की थी। डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज निर्मल सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को गुप्त सूचना पर सेक्टर-5 से गिरफ्तार किया था। आरोपी चोरी करने के बाद वाहनों को सेक्टर-23 के एक निर्माणाधीन भवन के पीछे झाड़ियों में छिपाकर रखते थे। रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी के सभी वाहन बरामद कर लिए हैं।
चोरी के वाहनों में सबसे अधिक मोटरसाइकिल
आरोपियों ने 37 वाहन चोरी किए हैं। इसमें तीन एक्टिवा जबकि अन्य मोटरसाइकिल हैं। आरोपियों ने सबसे अधिक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी की हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपियों के पास मास्टर चाबी है। इससे वे मोटरसाइकिलों का लॉक खोलकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी करीब डेढ़ साल से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस आरोपियों के क्रिमिनल बैकग्राउंड की भी जांच कर रही है।
2019 में 61 चोरी के वाहन किए थे बरामद
क्राइम ब्रांच-26 की टीम ने साल 2019 में बाइक चोर गिरोह के तीन लोगों को काबू किया था। उनके पास से चोरी के 61 दोपहिया वाहन बरामद किए थे। इसमें स्कूटर, मोटरसाइकिल और बुलेट शामिल थे। आरोपी पहले रेकी करते थे। इसके बाद मास्टर चाबी से वाहनों के लॉक खोलकर चोरी कर लेते थे। चोरी के वाहन बेचने के बाद वे आपस में रुपयों का बंटवारा कर लेते थे।
2022 में चोरी की 62 साइकिलें की थी बरामद
2022 में क्राइम ब्रांच ने महंगी साइकिलें चोरी करने के आरोप में गांव माजरी निवासी रवि कुमार उर्फ वरुण को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी को 18 सितंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। रिमांड के दौरान आरोपी से चोरी की 62 साइकिलें बरामद की गई थी। इनमें 5 से 50 हजार तक की कीमत की साइकिलें शामिल थी।