दीया कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक चेतना गुप्ता के अपहरण केस में तीन आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी की तलाश जारी है और घटना के समय महिला आरोपी अनुपमा कहां थीं इसकी जानकारी के लिए पुलिस मोबाइल टावर की लोकेशन पता लगाने में जुटी है।
यह जानकारी सेक्टर-10 पुलिस चौकी प्रभारी बृजपाल सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला दो से तीन करोड़ रुपये के लेनदेन के विवाद से जुड़ा है। बुधवार को ढाई बजे सेक्टर-11 से दीया कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक चेतन गुप्ता के अपहरण की शिकायत पुलिस को मिली थी। पंचकूला पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से तीन आरोपी मुनीष कुमार, दीपक और सोहनलाल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां इन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुराने पार्टनर है धर्मपाल और चेतना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अपहरण मामले में मुख्य आरोपी धर्मपाल सिंगला और शिकायतकर्ता चेतना गुप्ता एवं उनका भाई गौरव काफी समय पहले कारोबार में पार्टनर रह चुके हैं। लेकिन बाद में इनमें से एक ग्रुप कमेटियों के धंधे में पड़ गया और कई लोगों के पैसों के लेनदेन और पैसों के विवाद के चलते दो ग्रुप बन गए थे।
चेतना गुप्ता को बुलाया था जीरकपुर थाने
पुलिस ने ये भी बताया है कि बैंक चैक के विवाद में धर्मपाल सिंगला ने एक शिकायत जीरकपुर थाने में 30 मार्च को दी थी। इस मामले में जीरकपुर थाना पुलिस ने 13 अप्रैल को चेतन गुप्ता को थाने बुलाया था, लेकिन चेतन गुप्ता नहीं पहुंचे।
जब उन्हें फोन पर जीरकपुर थाने में आने को कहा गया तो उन्होंने बताया था कि वह परिवार के साथ राजस्थान में हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद बाद धर्मपाल सिंगला के परिवार के किसी सदस्य ने चेतन गुप्ता को बलटाना की लाल बत्ती के पास से गुजरते देखा था। यह सूचना मिलते ही धर्मपाल सिंगला और उनके परिवार के कुछ लोगों उनका पीछा किया और सेक्टर-11 के पास उन्हें घेर लिया। यहां से चेतन गुप्ता को वह अपनी गाड़ी में जबरन बैठाकर जीरकपुर थाने में ले आए थे।