अवैध निर्माण को गिराने गई टीम का विरोध करने वालों को पकड़कर लेकर जाती पुलिस।
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परवाणू बाईपास स्थित बिटना गांव के पास पैरीफैरी एक्ट की अनदेखी कर सड़क किनारे किए गए अवैध निर्माण को गिराने भारी पुलिस बल के साथ डीटीपी जेपी खासा टीम मौके पर पहुंची, लेकिन लोगों के कड़े विरोध के चलते टीम को बैरंग लौटना पड़ा। खाना पूर्ति के लिए अधिकारी कुछ निर्माणों को तोड़ कर लौट आए।
दोपहर करीब एक बजे जिला योजना कार विभाग अधिकारी जेपी खासा, थाना प्रभारी पिंजौर महिंद्र सिंह अवैध निर्माणों को तोड़ने पहुंचे थे। कार्रवाई के दौरान विरोध करने वालों में शामिल एडवोकेट नवदीप शर्मा और जुगल नामक दो युवकों को पुलिस थाने ले गई।
इस दौरान मौके पर पहुंचे बीजेपी नेता संजीव कौशल ने जिला योजनाकार विभाग अधिकारी जेपी खासा से मिले और उनकी बात मोबाइल पर कालका विधायक लतिका शर्मा से करवाई। विधायक से बात करने के बाद जेपी खासा ने कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की।
दुकानदार धर्मेंद्र ने बताया कि उसना बिल्डिंग मैटेरियल का काम है। उसने एक पानी की टंकी और दीवार खड़ी कर उस पर छप्पर डाला हुआ था। उसने पक्का निर्माण नहीं किया था। बावजूद पानी की टंकी और छप्पर को तोड़ दिया गया।
जिला योजनाकार विभाग के जिला अधिकारी जेपी खासा ने बताया कि पैरीफैरी कंट्रोल एक्ट के तहत बिना अनुमति के किए निर्माणों को तोड़ा जा रहा है। लोगों को नोटिस भी दिए गए और ग्राउंड लेवल पर जाकर भी समझा दिया गया है पर कोई मानता नहीं है। उन्होंने बताया कि फोन पर विधायक लतिका शर्मा से बात हुई है। विधायक का कहना था कि लोगों को कहे कि कार्रवाई का विरोध न करें।
थाना प्रभारी पिंजौर महिंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस पर पथराव करने की कोशिश की गई थी। विरोध कर रहे दो लोगों को थाने लाया गया है। जिला योजनाकार की शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।