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पुलिसकर्मियों ने कार चालक से ली दस हजार रुपये रिश्वत

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ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने कार चालक से ली दस हजार रुपये की रिश्वत
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-साइकिल ट्रैक पर खड़ी कार छोड़ने के एवज में फतेहगढ़ साहिब के जोगा सिंह से मांग थी रिश्वत
-एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने टाइम बाउंड इंक्वायरी मार्क, होगी सख्त कार्रवाई

अविनाश शर्मा
चंडीगढ़। बीते दिनों अटावा चौक के समीप साइकिल ट्रैक पर एक कार खड़ी देख ट्रैफिक के पुलिसकर्मियों ने कार चालक से दस हजार रुपये रिश्वत ले ली। पुलिसकर्मियों की ज्यादती से तंग आकर फतेहगढ़ साहिब से चंडीगढ़ आए करीब 50 वर्षीय जोगा सिंह ने आपबीती अपने एक वकील से सांझा की। इसके बाद मामला विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने मामले की टाइम बाउंड इंक्वायरी मार्क की है। जोगा सिंह से दस हजार रुपये रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों में एक होमगार्ड जवान समेत एक कांस्टेबल शामिल हैं। हालांकि प्वाइंट का सुपरवीजन एक सब-इंस्पेक्टर के जिम्मे था। लेकिन सूत्रों की मानें तो सब-इंस्पेक्टर को इसकी भनक तक नहीं लगी थी कि होमगार्ड वॉलंटियर और सिपाही ने रिश्वत कब ले ली। शिकायतकर्ता जोगा सिंह से पुलिसकर्मियों की पहचान भी कराई गई है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने होमगार्ड वॉलंटियर और कांस्टेबल की पहचान कर ली है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती 9-10 अक्टूबर को फतेहगढ़ साहिब निवासी जोगा सिंह कार से चंडीगढ़ आए थे। वह अटावा चौक के समीप कार लेकर खड़े थे, लेकिन उन्हें यहां साइकिल ट्रैक बारे उन्हें जानकारी नहीं थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक इसी का डरावा देकर पुलिसकर्मियों ने उन्हें छोड़ने के एवज में रिश्वत की डिमांड की। पुलिसकर्मी चंद हजार रुपये में मानने को तैयार नहीं हुए। लेकिन जब जोगा सिंह ने दस हजार रुपये उन्हें दिए तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार सहित जाने की मंजूरी दे दी। जोगा सिंह अटावा चौक से अपने जानकार को मिलने चले गए। लेकिन जब उन्होंने चंडीगढ़ में पुलिस के इस व्यवहार की अपने जानकार एक वकील से बातचीत की तब जाकर मामला प्रकाश में आया। वकील ने जोगा सिंह से तुरंत यूटी पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को शिकायत दिलवाई। मामले की जांच डीएसपी स्तर के एक अधिकारी कर रहे हैं। दो दिन में विभागीय उच्चाधिकारियों को इंक्वायरी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। जांच में आरोप साबित होने पर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई कर सकता है। इस संबंध में जब यूटी पुलिस के डीएसपी एवं पीआरओ पवन कुमार से बात की गई तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इनकार किया। एसएसपी ट्रैफिक से भी संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया।
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