फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होशियारपुर -

विज्ञापन
विज्ञापन
एसबीआई में करोड़ों का गोल्ड लोन घोटाला
विज्ञापन

अधिकृत जौहरी पर लगा धोखाधड़ी करने का आरोप
शाखा प्रबंधक ने की पुष्टि, 2014 से चल रहा था खेल
होशियारपुर।
भारतीय स्टेट बैंक की बुल्लोवाल शाखा में करोड़ों रुपए का स्वर्ण ऋण घोटाला सामने आया हैं। इस मामले में बैंक के सूचीबद्ध जौहरी ने बैंक के साथ धोखाधड़ी करते हुए 25-30 प्रतिशत सोने वाले गहनों को शुद्ध सोने के गहने प्रमाणित कर लोगों के लिए ऋण स्वीकृत करवा दिए। यहीं नहीं जिन लोगों के नाम पर लोन दिलाए गए उनका आरोप है कि उन्होंने अल्प मात्रा के कुछ हजार रूपये के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब उन्हें लाखों रुपये के बकायों का ब्योरा बैंक से मिला है। उन्होंने धोखाधड़ी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने यह भी स्वीकार किया कि धोखाधड़ी हुई है और यह तीन से वर्ष 2014 से चल रहा था। उन्होंने कहा कि बुल्लोवाल क्षेत्र में एक जौहरी ने लोगों को सोने के ऋण पाने के लिए लालच दिया। गरीब लोग छोटी राशि के लिए ऋण लेने पर सहमत हुए। फिर दस्तावेज पूरे कर ऋण के लिए मंजूरी दे दी गई थी। अब ऋण अवधि के पूरा होने के बाद बैंक के कर्मचारियों ने ऋण चुकाने के लिए उन्हें संपर्क किया तो पता चला कि उनके खिलाफ लाखों रुपये का बकाया है, जबकि उधारकर्ता दावा करते हैं कि उन्होंने कुछ हजार की छोटी राशि के लिए ऋण लिया था।
विज्ञापन

बैंक के शाखा प्रबंधक सिद्धार्थ भाटी ने बताया कि स्वर्ण ऋण दिए जाने से पहले, बैंक तुरंत सोने की जाँच कराता है। इसके लिए एक स्थानीय जौहरी को अधिकृत किया गया था। उसने बैंक को धोखा दिया और सोने के गहने के झूठे प्रमाणन के साथ ऋण मंजूर राए गए। भाटी ने कहा कि यह मामला सामने आया जब बैंक लोगों से ऋण की वसूली के लिए जुटा। उन्होंने स्वीकार किया कि मामला करोड़ों रुपये का हो सकता है।प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह सिलसिला 2014 से जारी था। अभी तक वास्तविक आंकड़े का पता लगाना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि आरोपी जौहरी ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया है और उसने लिखित में दिया है कि उसने गलत प्रमाणपत्र जारी किए हैं और वह नुकसान की भरपाई के लिए संबंधित राशि बैंक को चुकाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है और मुख्यालय से आदेश प्राप्त करने के बाद अगली कार्यवाही शुरू की जाएगी और अब तक कोई पुलिस शिकायत नहीं की गई है।
विज्ञापन

लोन मिला कम, बैंक रिकार्ड में अधिक दर्ज
पीड़ित कपिल देव और ममता ने बताया उन्हें गोल्ड लोन मिला था 50000 रुपये का। बैंक रिकॉर्ड में राशि है रुपये 5 लाख। हरिंदर सिंह ने फाइनेंसर को 50000 ऋण लेने के लिए कहा था और उन्हें राशि दी गई थी लेकिन राशि 250000 हो गई है; इसी तरह गुरख्श कौर नैनोवाल वैद के नाम पर लोन है 3 लाख , सुरजीत कौर 1.5 लाख , गुरप्रीत सिंह 4.50 लाख रुपये, मोनिया के नाम 7. 50 लाख, सुरजीत के 3 लाख, भोली के नाम पर 3. 50 लाख, बलजीत कौर का नाम 3.5 लाख, दलजीत का 3 लाख, गुरुदास का 2.50 लाख रुपये और अन्य ऐसे ही बड़ी गिनती उधारकर्ता थे, जिन्होंने ऋण लिया था 50 हजार से 70-80 हजार के लिए, लेकिन उनके नाम पर लाखों के ऋण मंजूर किए गए थे जो बैंक को चुकाए जाने हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें