आईटी पार्क पुलिस ने राजस्थान में अगवा टैक्सी चालक छुड़ाए
भिवानी-हिसार के बीच युवक को चाकू से गोद कर फरार हुए आरोपी, पुलिस मामले की जांच में जुटी
मनीमाजरा। राजस्थान में अगवा किए गए मनीमाजरा के टैक्सी चालक और उसके सहयोगी को आईटी पार्क पुलिस ने छुड़ा लिया है। हालांकि पुलिस के हाथ आरोपी नहीं चढ़ पाए हैं। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामले का खुलासा तब हुआ जब टैक्सी चालक के पिता को 10 लाख की फिरौती के लिए कॉल आई। जानकारी के अनुसार टैक्सी की सवारी बनकर मनीमाजरा से राजस्थान के बागड़ गए चार लोगों ने टैक्सी चालक और उसके सहयोगी का वहां पहुंचते ही अपहरण कर लिया। आरोपियों ने दोनों टैक्सी ड्राइवरों से मारपीट करके उनके पिता से 10 लाख की फिरौती मांगी। रविवार को बार-बार फिरौती की कॉल आने पर बंसल विहार ढकोली केरहने चाले कश्मीर सिंह ने इसकी सूचना आईटी पार्क पुलिस को दी। पिता की शिकायत दर्ज करने के बाद आईटी पार्क थाना प्रभारी राजीव कुमार 10 पुलिस कर्मचारियों की टीम लेकर राजस्थान निकल गए हैं और वहां से दोनों टैक्सी ड्राइवरों को छुड़वा कर वापस ले आए। हालांकि अगवा करने वाले पुलिस के हाथ नहीं लगे है। उधर, 14 सितंबर सुबह चार बजे गुरविंदर सिंह (25) और उसका कजन मनदीप सिंह (22) बोलेरो गाड़ी लेकर समाधि गेट चले गए। यहां से चार लोग उनकी गाड़ी में बैठ कर बागड़ गए। बागड़ में माथे टेकने के बाद वहां से वापस आते हुए उन्होंने राजस्थान और हरियाणा बार्डर पर दोनों युवकों को रिवाल्वर दिखाया और उनसे मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने दोनों ही युवकों को अगवा कर उनके घरवालों को फोन किया और उनसे 10 लाख की फिरौती की मांग कर डाली। वहीं, आईटी पार्क थाना प्रभारी राजीव कुमार ने रविवार को मामला दर्ज करके आईटी कंपनियों की मदद और मोबाइल टावर की लोकेशन का पता लगाया। पीआरओ डीएसपी पवन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल टावर की लोकेशन पता कर 10 लोगों की एक टीम बनाई और रविवार दोपहर को ही राजस्थान के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि राजस्थान पहुंच कर उन्होंने फिर आईटी कंपनी की मदद से अगवाकर्ता की लोकेशन का पता लगाते हुए उनका पीछा किया। आरोपी इस दौरान राजस्थान सीमा के पास भिवानी और हिसार में थे। पुलिस ने उनकी लोकेशन पता करके गाड़ी उनके पीछे दौड़ा दी, लेकिन एरिया जंगल का था। चारों तरफ जंगल थे। अगवा करने वालों को अब मालूम पड़ गया था कि पुलिस उनके पीछे है, जिसके चलते वह गुरविंदर को और मनदीप को अच्छी तरह पीट कर बीच जंगल में छोड़ कर वहां से भाग गए। गुरविंदर को तीन जगह चाकू मारा गया है। आरोपियों के भागने के बाद मनदीप गाड़ी लेकर हिसार के बालकंड पुलिस चौकी पहुंचा, जहां से आईटी पार्क थाना पुलिस भी उनकी लोकेशन जांचती हुई मौके पर पहुंची। दोनों के मिल जाने के बाद फिर पुलिस ने हिसार के सिविल अस्पताल में गुरविंदर का उपचार करवाया। उसके बाद फिर सोमवार दोपहर को पुलिस चंडीगढ़ के लिए निकल आई।