कंसलटेंसी सेंटर पर मालिक और मैनेजन को पीटा, चलाई गोलियां
महिला आर्किटेक्चर ने भाई सहित दस अन्य लोगों के साथ मिलकर मचाया उत्पात
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। रंजीत एवेन्यू बी ब्लाक में बुधवार देर रातसुलखनी चब्बा नाम की महिला आर्किटेक्चर ने अपने भाई, पिता व कुछ अन्य हथियार बंद युवको के साथ मिलकर डेल्टा कंसलटेंसी सेंटर पर आकर जमकर गुंडागर्दी की और जान से मारने की नीयत से गोलियां भी चलाई। इतना ही नहीं आरोपियों ने सेंटर के मालिक दलजीत सिंह, मैनेजर ट्विंकल महाजन को जमकर पीटा, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। सूचना मिलने पर थाना रणजीत एवेन्यू पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लेकर लाडी सरपंच नाम के व्यक्ति सहित 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। वहीं घायलों महिला और सेंटर के अन्य स्टाफ का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
एडीसीपी लखबीर सिंह ने कहा कि लाडी सरपंच सहित सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी लाडी का पता लगाया जा रहा है कि वह मौजूदा सरपंच है या नहीं है। क्योंकि आरोपियों के केवल नाम ही पता चले हैं। कहां के रहने वाले हैं। इस बारे कुछ पता नहीं चल पाया है। सीसीटीवी कैमरे कब्जे में ले लिए हैं। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
रंजीत एवेन्यू निवासी दलजीत सिंह ने बताया कि वह रंजीत एवेन्यू के बी ब्लाक में ग्राउंड फ्लोर पर डेल्टा इमिग्रेशन कंसलटेंसी सेंटर नाम से कारोबार करते हैं। उनके सेंटर पर ट्विंकल महाजन मैनेजर के तौर पर काम करती है। ट्विंकल का सुलखनी चब्बा नाम की लड़की के साथ किसी प्रापर्टी की डील चल रही थी। सुलखनी आर्किटेक्चर का काम करती है। गत दिवस सुलखनी उसके पास सेंटर पर आई और कहने लगी कि पहले उसे बीस हजार रुपये दिए जाएं। अगर काम खत्म करवाना है। इस पर उसने पांच हजार रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए। इसके बावजूद आरोपी ने काम बंद कर दिया और रात को फिर से आ गई और कहने लगी कि पहले पेमेंट क्लीयर की जाए, इसके बाद ही वह काम करेगी। इस पर उसने कहा कि काम खत्म होने के बाद पैसे दिए जाते हैं। इसी बात को लेकर उसकी सुलखनी के साथ बहस हो गई। सुलखनी ने फोन कर अपने पिता पिता रवि चब्बा, भाई लाडी सरपंच और 10 अज्ञात लोगों को बुला लिया। आते ही सभी आरोपियों ने सेंटर पर तोड़फोड़ शुरू कर दी और उसे बालों से घसीटकर पीटने लगे। आरोपियों ने उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया। इतना ही नहीं आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से सीधी गोलियां भी चलाई। लेकिन किसी तरह उसने व सेंटर के अन्य स्टाफ ने छिपकर अपनी जान बचाई। इतना ही नहीं आरोपी सेंटर से करीब 90 हजार रुपये भी लेकर फरार हो गए।