थानेदार साहिबा! अपने ही बच्चे हैं, छोड़ दो इन्हें
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-10 स्थित ऑर्ट कॉलेज के सामने एक्टिवा सवार 2 सगी बहनों से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बचाने के लिए पंजाब के एक नेता ने सेक्टर-3 की एसएचओ को कॉल कर उनकी पैरवी की। नेता ने एसएचओ से कहा कि तीनों बच्चे अपने ही हैं, इन्हें छोड़ दिया जाए। इस पर एसएचओ पूनम दिलावरी ने बनती कार्रवाई का सीधा सा जवाब देकर फोन काट दिया।
वहीं आरोपियों से वारदात में प्रयोग की गई एक्सयूवी गाड़ी से संबंधित कोई भी रिकार्ड नहीं प्राप्त हुआ है। इसी आधार पर पुलिस ने कोर्ट में रिमांड के लिए 2 दलीलें पेश की। पहली गाड़ी के असली मालिक की जांच और दूसरी आरोपियों का पुराना रिकार्ड। अदालत ने तीनों आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस कस्टडी में ही आपस में उलझे आरोपी
सेक्टर-3 थाना प्रभारी पूनम दिलावरी ने बताया कि तीनों आरोपी फिरोजपुर निवासी प्रभजोत, अनमोल और चंडीगढ़ के सेक्टर-37 निवासी सुखबीर बार-बार सवालों के जवाब पर मुकर रहे थे। पुलिस कस्टडी में ही वे आपस में कहासुनी और हाथापाई पर उतर आए। फिर पुलिस ने उन्हें शांत करवाया।
तीनों के परिजनों में से कोई नहीं पहुंचा थाने
पूनम दिलावरी ने बताया कि एक आरोपी ने बताया कि एक्सयूवी उसके पिता की है, लेकिन देर शाम तक तीनों के परिजनों में से कोई भी थाने नहीं आया। यूटी पुलिस आरोपियों से संबंधित थाने में संपर्क कर रही है।
युवतियों ने तुरंत कॉल कर बुलाई थी पुलिस
आर्ट कॉलेज के सामने शनिवार शाम को पंजाब नंबर की एक्सयूवी सवार तीन युवकों ने एक्टिवा सवार बलटाना निवासी 2 सगी बहनों से पहले छेड़खानी की, फिर कार में अगवा करने की कोशिश की, लेकिन युवतियों ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत 100 नंबर पर फोन कर दिया। इसके बाद भाग रहे कार सवारों को एंटी स्नैचिंग प्वाइंट पर पुलिस ने नाके के दौरान गिरफ्तार कर लिया था।
नेता की कॉल पर एसएचओ ने कहा, बनती कार्रवाई होगी
2 बहनों के अपहरण की कोशिश का मामला, अदालत ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर भेजा
वारदात में प्रयोग की गई एक्सयूवी के मालिक का नहीं चल पाया पता