बीसीए छात्रा के हॉस्टल में खुदकुशी मामले में अज्ञात पर केस दर्ज
अपना कमरा बंद देखकर साथ के कमरे में लगाया था फंदा, नहीं लिखा सुसाइड नोट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जीसीजी-42 कॉलेज के हॉस्टल में बीती 18 फरवरी को अंबाला निवासी एवं बीसीए सेकेंड ईयर की छात्रा भावना के खुदकुशी मामले में कोर्ट के निर्देशों पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईपीसी-306 के तहत केस दर्ज किया है। मामले के शिकायतकर्ता भावना के पिता अंबाला सिटी के कगीवाड़ा निवासी राकेश कुमार विग ने कॉलेज प्रबंधन पर उनकी बेटी को तंग करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि भावना उक्त कॉलेज में पढ़ती थी। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन से तंग आकर मजबूर होकर उसने खुदकुशी की। भावना कॉलेज के हॉस्टल के कमरा नंबर-80 में रहती थी। उक्त तारीख को सहेली के कमरे के दरवाजे की चाबी साथ ले जाने के चलते भावना ने कमरा नंबर-81 में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी की थी। सेक्टर-36 थाने से पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर भावना को फंदे से उतार जांच की थी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ था। सीएफएसएल एक्सपर्ट्स ने भी मौके की जांच कर कई नमूने जुटाए थे।
बॉक्स
हॉस्टल के बाहर से लौटी थी भावना
पुलिस जांच में सामने आया था कि खुदकुशी से पूर्व भावना हॉस्टल से बाहर गई थी। कयास लगाए गए थे कि उसने बाहर किसी से मिलकर लौटने पर फंदा लगाया। भावना के भाई संयम ने बहन के खुदकुशी नहीं करने का अंदेशा जताया था। उन्होंने कहा था कि भावना के गले से बंधी चुन्नी पंखे के बीच के होल्डर के बजाय महज एक पंख से लटकी थी। चुन्नी की गांठ भी काफी नीचे बंधी थी। संयम ने केवल एक पंख के भावना का वजन उठा सकने के तर्क को गलत ठहराया था। वहीं तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर नसीब सिंह ने खुदकुशी के स्पष्ट कारणों का सीएफएसएल व विसरा रिपोर्ट के बाद पता लगने की बात कही थी।
बॉक्स
रूम मेट ले गई थी चाबी
भावना उस दिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपने कमरा नंबर-80 में पहुंची थी। उससे पहले ही उसकी रूम मेट कमरे को ताला लगाकर चाबी साथ ले गई थी। भावना ने उसे फोन किया तो रूम मेट ने गलती से चाबी साथ ले जाने की बात कही। फिर भावना ने कमरा नंबर-81 में पंखे से चुन्नी बांध फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने भावना की रूम मेट समेत अन्यों के बयान दर्ज किए थे, लेकिन पुलिस अब तक भावना के खुदकुशी के कारणों का पता नहीं लगा सकी है।