विजिलेंस ब्यूरो ने ढूंढ निकालीं एसई सुरिंदरपाल की 92 संपत्तियां
पत्नी, मां के नाम पर बनाई 3 कंपनियों के खातों में मिले 57 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मंडी बोर्ड के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर सुरिंदरपाल सिंह द्वारा गमाडा के चीफ इंजीनियर पद पर रहते हुए अवैध तरीके से जोड़ी गई करोड़ों की 92 संपत्तियों को ढूंढ निकाला है। यह संपत्तियां सुरिंदरपाल द्वारा परिजनों व सहयोगियों के नाम पर बनाई गई पांच कंपनियों के जरिए खरीदा गया था। इसके अलावा ब्यूरो को सुरिंदरपाल के परिवार के नाम से बनाई गई तीन कंपनियों के खातों में 57 करोड़ रुपये भी मिले हैं।
बुधवार को यह खुलासा करते हुए ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी चीफ इंजीनियर के विभिन्न परिसरों पर मारे गए छापों और अब तक जांच में यह पता चला है कि सुरिंदरपाल ने यह संपत्तियां गलत ढंग से अपने परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर खरीदीं। प्रवक्ता ने बताया कि सुरिंदरपाल और उनके परिवार की कुछ और संपत्तियों का खुलासा भी जल्द हो सकता है। उन्होंने बताया कि सुरिंदरपाल और तीन अन्य के खिलाफ मोहाली स्थित पुलिस स्टेशन फ्लाइंग स्कवॉयड-1 में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रवक्ता ने बताया कि करीब 92 संपत्तियां सुरिंदरपाल ने 2001 से 2016 के बीच खरीदीं। इनमें से 42 संपत्तियों की खरीद एसेस एग्रो सीड प्रा. लि. लुधियाना के नाम पर, पांच संपत्तियां अवार्ड एग्रो ट्रेडर्स प्रा. लि. लुधियाना, 11 संपत्तियां आस्टर एग्रो ट्रेडर्स प्रा. लि. के नाम से, 20 संपत्तियां एकम क्रशर्स एंड बिल्डर्स प्रा. लि. लुधियाना के नाम से, दो संपत्तियां एक ओंकार बिल्डर्स एंड कांट्रेक्टर्स प्रा. लि. लुधियाना के नाम से और 12 संपत्तियां परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम से खरीदी गईं। इसके अलावा सुरिंदरपाल ने 2014 में चंडीगढ़ में दो कनाल की कोठी अवार्ड एग्रो ट्रेडर्स प्रा. लि. के नाम पर भी खरीदी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि एसेस एग्रो सीड्स प्रा. लि. लुधियाना मार्च 2005 में संयुक्त कंपनी थी और कंपनी के निदेशकों में सुरिंदरपाल की पत्नी मनदीप कौर और मां स्वर्णजीत कौर के नाम थे। इस कंपनी में आरोपी ने 31 मार्च 2016 तक 20 करोड़ रुपये नगद जमा कराए थे। फिलहाल इस मामले में आगे जांच चल रही है। इस कंपनी के नाम पर लुधियाना, मोगा, रोपड़ में बड़ी संख्या में मकान और जमीनें खरीदी गईं। प्रवक्ता ने बताया कि अवार्ड एग्रो ट्रेडर्स प्रा. लि. कंपनी का गठन 9 फरवरी 2009 को किया गया, जिसके निदेशक मनदीप कौर पत्नी सुरिंदरपाल सिंह और स्वर्णजीत कौर मां सुरिंदरपाल सिंह को बनाया गया। इस कंपनी के खाते में भी लगभग 18 करोड़ रुपये जमा कराए गए। इस कंपनी के नाम पर मोहाली और चंडीगढ़ में बड़ी संख्या में संपत्तियां खरीदी गईं। एक अन्य कंपनी संयुक्त कंपनी का गठन आस्टर एग्रो ट्रेडर्स प्रा. लि. के नाम से 9 फरवरी 2009 में ही किया गया। इस कंपनी की निदेशक भी मनदीप कौर और स्वर्णजीत कौर थीं। इस कंपनी के खाते में भी 31 मार्च 2016 तक करीब 19 करोड़ रुपये जमा कराए गए। इस कंपनी के नाम पर लुधियाना, मोहाली व मोगा में जमीनें खरीदी गईं।
आरोपी ने एक अन्य कंपनी 10 नवंबर 2008 को एकम क्रशर्स एंड बिल्डर्स प्रा. लि. के नाम से बनाई, जिसमें उनकी पत्नी मनदीप कौर के शेयर ही सबसे अधिक थे। इस कंपनी के नाम पर रोपड़, मोहाली, मलोट, मुक्तसर साहिब और संगरूर में संपत्तियां खरीदी गईं। उन्होंने आगे बताया कि एक ओंकार बिल्डर्स एंड कांट्रेक्टर्स प्रा. लि. का गठन 16 दिसंबर 2010 को किया गया, जिसके निदेशक और शेयरहोल्डर्स थे- पूर्व जेई गुरमेश गिल और एक रिटायर्ड कर्मचारी के बेटे मोहित कुमार। सुरिंदरपाल ने अपने कार्यकाल के दौरान इस कंपनी को विभिन्न कंस्ट्रक्शन ठेके अलाट कर लाभ पहुंचाया। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच में पता चला है कि एक ओंकार बिल्डर्स ने गमाडा और पंजाब मंडी बार्ड के साथ कई ठेके पूरे किए और इन दोनों सरकारी अदारों से इस कंपनी के खातों में भुगतान की रकम पहुंचती रही। प्रवक्ता ने बताया कि सुरिंदरपाल के परिवार के सदस्यों के नाम लुधियाना, मुक्तसर व मोहाली में 12 अन्य संपत्तियां खरीदे जाने का भी खुलासा हुआ है।