नोट: सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य फोटो सहित।
शराब ठेके के कारिंदों से झड़प के बाद फायरिंग
- बोलेरो सवार पांच हमलावरों ने ठेके पर पहुंच पहले की मारपीट, फिर किए फायर, हमलावर सीसीटीवी में कैद
- गाड़ी को मौके पर छोड़ हुए फरार, कार पर लगा नंबर निकला फर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मोहाली में गैंगस्टरों का आतंक अभी कम भी नहीं हुआ कि रविवार को चंडीगढ़ में फायरिंग हो गई। गांव डड्डूमाजरा में शराब के ठेके पर हमलावरों ने फायरिंग की जिससे इलाके में दहशत फैल गई। यूटी पुलिस विभाग की बीट पुलिसिंग, थाना पुलिस, पीसीआर और क्राइम ब्रांच समेत अन्य सभी विशेष यूनिट्स के पुलिसकर्मी अपराधियों की धरपकड़ में नाकाम रहे।
गांव डड्डूमाजरा के एंट्री गेट के समीप रविवार रात करीब आठ बजे लाल रंग की बोलेरो कार सवार 10-12 लोग पहुंचे। पांच लोग शराब के ठेके पर गए जहां उनकी कारिंदों समेत अन्य लोगों से कहासुनी हुई जो झड़प में बदल गई। फिर पांचों ने कारिंदों गुरजीत उर्फ गग्गी और रविंदर उर्फ रूबी से मारपीट की। हमलावर गाड़ी में बैठकर जाने ही लगे थे कि ठेके के कारिंदे और कुछ अन्य लोगों ने उन्हें पकड़कर बाहर खींचने और गाड़ी की चाबी निकालने की कोशिश की। इस बीच हमलावरों ने पिस्टल व हथियार से पांच हवाई फायर किए और कार वहीं छोड़कर फरार हो गए। कारिंदों ने बताया कि हमलावरों ने उन पर गालियां चलाईं, गनीमत रही कि वे बच गए। पुलिस ने कार की जांच की। कार के पिछले शीशे पर कबड्डी के मैच व उसके आयोजकों के नाम, उनके चेहरों व अन्य जानकारी का पोस्टर चस्पा मिला। पुलिस कार को थाना मलोया ले गई। ठेके के बाहर जांच के दौरान पुलिस को गोलियां के खोल बरामद हुए। पुलिस को बताया गया कि एक हमलावर ने पास की एक गली से जाते समय वहां भी दो फायर किए लेकिन पुलिस को वहां कोई खोल नहीं मिला।
एसएसपी ने एसएचओ को लगाई लताड़
फायरिंग की सूचना पर एसएसपी यूटी निलांबरी जगदले मौके पर पहुंचीं लेकिन उनसे पहले थाना मलोया के एसएचओ व अन्य थानों के एसएचओ मौके पर नहीं मिले। इस पर एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को लताड़ लगाई। एसएसपी ने स्वयं मौका मुआयना किया और एसएचओ समेत अन्य पुलिस वालों को हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश देकर लौट गईं।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए नमूने
फोरेंसिक टीम के एक्सपर्ट्स ने मौके पर पहुंच कार की बारीकी से जांच की और नमूने जुटाए। इस बीच फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और एसएचओ के बीच बातचीत हुई और वे निकल गए।
कार पर लगा था मुक्तसर से रजिस्टर्ड स्कूटर का नंबर
पुलिस ने जांच की तो कार पर लगा नंबर पीबी30के-8034 फर्जी निकला। यह नंबर पंजाब के मुक्तसर से रजिस्टर्ड मोटरसाइकिल, स्कूटर का होने का पता लगा। स्पष्ट है कि हमलावर साजिश के तहत शहर में दाखिल हुए थे। पुलिस हमलावरों और शराब ठेकेदार या कारिंदों के बीच रंजिश होने का अंदेशा जता रही है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हमलावर
पुलिस ने ठेके के समीप एक दुकान और अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में हमलावर कार से बाहर निकलकर फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। हमलावरों ने हाथों में पिस्टल लेकर एक के बाद एक गालियां चलाईं। एक फायर होते ही हमलावरों से खींचतान कर रहे ठेके के कारिंदे जान बचाने के लिए मौके से भागे। फिर बदमाश फरार हो गए।