चेक बाउंस के मामले में पीओ महिला पकड़ी, जेल भेजा
- दो लाख के चेक बांउस मामले में एक लाख रुपये में समझौता होने के बावजूद नहीं दिए थे पैसे
- दो बार हो चुकी है अदालत से पीओ घोषित, यूटी के बिजली विभाग में है बतौर क्लर्क कार्यरत
- अन्य शिकायतकर्ता भी पहुंचे कोर्ट में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
दो लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में यूटी पुलिस ने अदालत से दो बार पीओ (भगौड़ा) घोषित हो चुकी यूटी के बिजली विभाग में बतौर क्लर्क कार्यरत सेक्टर-28 निवासी लता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे जिला अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।
मामले के अनुसार, यूटी के बिजली विभाग में बतौर क्लर्क कार्यरत लता ने एक परिवार से दो लाख रुपये बतौर लोन लिया था। इसके बदले में उसने उन्हें चेक दिए थे। तीन साल तक उसने उन्हें पैसे नहीं दिए। इस पर शिकायतकर्ता ने उन पर चेक बाउंस का केस किया। शुरू में अदालत में पेश होने के बाद वह पेशी पर नहीं आई। जिसके बाद अदालत ने उसे पीओ घोषित कर दिया। कुछ समय बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया। अदालत में दोनों पक्षों में पिछले साल नवंबर में एक लाख रुपये में समझौता हो गया।
इसके तहत लता को 50 हजार दिसंबर और 50 हजार रुपये जनवरी में देने थे, लेकिन इसके बाद वह फिर से लापता हो गई और पैसे भी नहीं दिए। मार्च में अदालत ने उसे फिर से पीओ घोषित कर दिया। वीरवार को पुलिस के पीओ स्टाफ ने उसे गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया। इस पर शिकायतकर्ता भी वहां पहुंच गए। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। हालांकि दोनों पक्षों में बाद में समझौते के प्रयास चल रहे थे। वहीं लता पर 4-5 अन्य लोगों से भी पैसे लेकर उन्हें न लौटाने का आरोप है। कुछ अन्य शिकायतकर्ता भी अदालत में पहुंच गए थे।