डॉग बाइट की शिकार हुई पंचकूला निवासी चार साल की बच्ची अनन्या की हालत अब खतरे से बाहर है। पीजीआई के डॉक्टरों का कहना है कि अनन्या की सर्जरी कर दी गई है। अब वह सुरक्षित है। बच्ची की सर्जरी कर उसे ट्रॉमा सेंटर के न्यूरोलॉजी वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सर्जरी में ढाई से तीन घंटे का वक्त लगा। अनन्या को 25 से भी अधिक टांके लगे हैं। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
विज्ञापन
वही स्ट्रे डॉग्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम अधिकारियों को शायद किसी बड़ी घटना का ही इंतजार था। सबसे बड़ा सवाल सेक्टर-4 के गांव हरिपुर में चार साल की बच्ची अनन्या की घटना के बाद अब कैसे शहर में स्ट्रे कैचर टीम एक्टिव हो गई। वहीं, निगम कमिश्नर राजेश जोगपाल अब इस मामले को किसी तरह सुलझाने में जुट गए हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि यदि किसी व्यक्ति या फिर एनजीओ ने इस घटना को लेकर कोर्ट में याचिका दायर कर दी तो जवाब देना भारी पड़ जाएगा।
यही कारण है कि अपनी खाल बचाने के लिए सोमवार सुबह ही पीड़ित बच्ची के घर निगम की एक टीम को भेजा। लेकिन बच्ची के परिजनों का पीजीआई चंडीगढ़ में होने के कारण घर के दरवाजे पर ताला लटका मिला। इसके बाद आसपास वालों से निगम कर्मचारियों ने अनन्या के परिवार वालों का मोबाइल नंबर लिया और नगर निगम कमिश्नर राजेश जोगपाल ने अनन्या के पिता अरुण से मोबाइल पर बात करके बच्ची का हालचाल पूछा।
विज्ञापन
बच्ची की सर्जरी होने के कारण किसी भी व्यक्ति को मिलने की इजाजत नहीं थी। अरुण से बातचीत में जोगपाल ने आश्वासन दिया है कि जितना भी खर्चा बच्ची के इलाज पर होगा, वह नगर निगम के स्टाफ एवं अधिकारियों द्वारा अपनी जेब से वहन किया जाएगा।
चार साल की बच्ची को काटने वाले डॉग को पकड़ा
मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करने वाले अरुण कुमार की चार साल की मासूम अनन्या के चेहरे को बिगड़ाने वाले स्ट्रे ड्रॉग को नगर निगम एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन की टीम ने पकड़ लिया है। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम के सदस्य स्थानीय लोगों की मदद से डॉग को पकड़ पाए। इस डॉग के आतंक से पूरा हरिपुर गांव दुखी था। लेकिन स्ट्रे डॉग के पकड़े जाने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। टीम ने इस गांव से 6 डॉग को पकड़ा है। गांव के संजीव शर्मा, जय किशन शर्मा सहित अन्य लोग पूरी शिद्दत के साथ कर्मचारियों के साथ स्ट्रे डॉग्स को पकड़ने के लिए भागते नजर आए। वहीं, अनन्या के इलाज का पूरा खर्चा नगर निगम की ओर से उठाने का फैसला किया गया है।
शहर में बढ़ रहा स्ट्रे डॉग्स, पशु और बंदरों का आतंक
नगर निगम अधिकारी भले ही दावा कर रहे हैं कि 7816 कुत्तों का स्टरलाइजेशन करवाया गया है। इसके बाद भी शहर में कुत्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। शहर का एक भी सेक्टर ऐसा नहीं हो जो इनके आतंक से अछूता हो। इसके बाद भी नगर निगम अधिकारी कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। वहीं, लावारिस पशुओं के हमले और बंदरों के काटने के मामले भी बढ़ रहे हैं।
कब बनकर तैयार होगा कैनल हाउस
नगर निगम सुखदर्शनपुर में 4.5 एकड़ एरिया में कैनल हाउस बनवा रहा है। लेकिन इसका निर्माण कार्य कब पूरा होगा इसका कोई पता नहीं है। हालांकि निगम अधिकारियों ने तीन दिसंबर 2018 को शिलान्यास के दौरान दावा किया था कि निर्माण कार्य को एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन निर्माण कार्य की गति बहुत धीमी होने के कारण छह माह बाद भी ज्यादा कार्य नहीं हुआ है। अभी सेक्टर-3 में पेट एनिमल सेंटर है। यहां बीमार कुत्तों का इलाज और गली मोहल्लों से पकड़े जाने वाले कुत्तों का स्टरलाइजेशन किया जाता है।
सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एमडी अश्विनी भटनागर का कहना है कि कुत्ते अधिक गर्मी सहन नहीं कर पाते हैं। यही कारण है कि वह ऐसे मौसम में उग्र हो जाते हैं। सबसे ज्यादा कुत्तों के काटने के मामले जून, जुलाई माह में ही सामने आते हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने सलाह देते हुए बताया कि बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें। जहां तक संभव हो कुत्ते को देखकर रास्ता बदल लें। यदि मजबूरन जाना पड़े तो हाथ में कोई डंडा या पत्थर जरूर रखें।
मुख्य बिंदु
- सन 2016-17 में आए थे 1500 से 1700 केस
- 15 से 20 लोग प्रतिदिन पहुंच रहे सामान्य अस्पताल
- 7816 कुत्तों का निगम करवा चुका है स्टरलाइजेशन
- 3733 कुत्ते और 4083 फीमेल डॉग की है शहर में संख्या
- 2018 में आए थे 4000 डॉग बाइट्स के केस
- जुलाई- 2019 100