युवती की चुप्पी ने बढ़ा दिए आरोपियों के हौसले
इस घटना ने युवती के दिलो दिमाग पर गहरा असर डाला है। वह सदमे से उबर नहीं पा रही है। युवती की मां का कहना है कि वह एक साल से अंदर ही अंदर मनचलों का सितम सह रही थी। वे उसका पीछा करते और भद्दे कमेंट्स करते थे। लेकिन उसने बदनामी के डर से किसी को कुछ भी नहीं बताया और चुप्पी साध ली। युवती की यही चुप्पी उसके लिए घातक साबित हुई। इससे आरोपियों के हौसले बढ़ते चले गए और उन्होंने इस घृणित वारदात को अंजाम दे डाला।