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हरियाणा में घरेलु हिंसा का अपराध बढ़ा

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जागरूकता -
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प्रदेश में घरेलू हिंसा के ग्राफ में बढ़ोत्तरी

- 102 दिन में 181 महिला हेल्पलाइन पर हरियाणा से आई कुल 2495 शिकायतें
- पहचान गोपनीय रखकर 181 हेल्पलाइन नंबर दिला रही महिलाओं को इंसाफ

रीतिका पठानियां
पंचकूला। प्रदेशभर में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 181 टोल फ्री महिला हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया हैं। जिसे 3 माह पहले 3 दिसंबर से ट्रायल के लिए चलाया गया। तीन माह में 181 पर कुल 2498 शिकायतें आई, इनमें हरियाणा से 2495 शिकायतें आई। जिसमें सबसे अधिक 82 मामले घरेलू हिंसा से जुड़े थे 82 में से 81 केस सॉल्व हो गए और एक केस अंडर प्रोसेस हैं। घरेलू हिंसा में महिलाओं पर सुसराल पक्ष की ओर से या पति की ओर से अत्याचार व मारपीट के मामले शामिल हैं। इसके अलावा 181 महिला हेल्पलाइन नंबर पर दी गई शिकायतों में दहेज, साइबर क्राइम, यौन उत्पीड़न, वुमेन स्कीम संबंधी, अतिरिक्त विवाहेत्तर संबंध, बाल उत्पीड़न, पीछा करना, रेप, सम्मान के लिए कत्ल का डर, घर में बंद रखने, मिसिंग, दुर्व्यवहार, भूमि विवाद संबंधी शिकायतें भी शामिल हैं। महिलाओं से संबंधित केस में 181 पर 264 फोन कॉल आई जिनमें 262 केस सॉल्व हुए हैं। इसके अलावा हरियाणा 181 वुमेन हेल्पलाइन डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के अनुसार कुल 2498 में से 3 केस दूसरे राज्यों के थे जिनमें एक पंजाब, एक राजस्थान, एक चंडीगढ़ से है। बता दें कि हरियाणा सरकार की ओर से मुख्य रूप से 181 नंबर 16 फरवरी को पानीपत के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में लांच किया गया। जिसे राज्यपाल की ओर से 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय नारी दिवस पर रीलांच किया गया। इसके अलावा सेक्सुअल हैरेसमेंट टूल किट भी लांच की गई।

क्या हैं 181 महिला हेल्पलाइन नंबर
24 घंटे चलने वाला 181 महिला हेल्पलाइन नंबर भारत सरकार की ओर से लांच किया गया हैं। जिसे हरियाणा सहित पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, राजस्थान व अन्य राज्यों में भी लांच किया गया है। इसके अलावा 1091 हेल्पलाइन नंबर भी हरियाणा में शुरू किया गया था। 181 हेल्पलाइन इसलिए लांच किया गया क्योंकि इसमें सभी एक्सपर्ट शामिल है जो अपने-अपने क्षेत्र में प्रोफेशनल हैं और केस को समझकर उसे अच्छे से सॉल्व करते हैं। इनमें लॉ एक्सपर्ट, सोशल वर्कर व चाइल्ड हेल्प डिपार्टमेंट और हेल्थ डिपार्टमेंट के एजूकेटेड लोग शामिल हैं।
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वन स्टॉप सेंटर में हैं सारी सुविधाएं
181 नंबर की प्रदेश भर की मानीटरिंग पंचकूला सेक्टर-5 स्थित थाने में हो रही है। 181 की मैनेजर प्रीति फोगाट ने बताया कि 181 के हर जिले में वन स्टॉप सेंटर बनाए गए हैं। जिनमें 181 पर आई कॉल के बारे में सूचित किया जाता है और वहां से अधिकारी महिलाओं की सहायता के लिए फील्ड में जाते हैं। अगर कोई महिला शिक्षित नहीं है तो अधिकारी उनसे शिकायत दर्ज करवाते हैं। यदि महिला अपनी पहचान गोपनीय रखना चाहती है और लिखित शिकायत दर्ज नहीं करना चाहती तब अधिकारी बिना पहचान उजागर किए पीड़िता को न्याय दिलाते हैं। इसके अलावा महिला को यदि घर से बाहर निकाल दिया गया है या उसकी शारीरिक स्थिति चलने-फिरने लायक नहीं हैं तो वन स्टॉप सेंटर में महिला तीन से चार दिन तक रह सकती हैं। पीड़िता को वहीं पर भोजन और मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति अपने दोस्त, रिश्तेदार पर हो रहे अपराध के बारे में बता सकता है। 181 पर कॉल के पश्चात महिला हेल्पलाइन मामले को संबधित एजेंसी, विभाग में कार्रवाई के लिए स्थानांतरित करती हैं। मामले पर कार्रवाई पीड़िता की सहमति से की जाती है। आवेदिका या पीड़िता को मामले की जानकारी के लिए कहीं जाने की आवश्यकता नहीं वह 181 पर फोन करके मामले की जानकारी ले सकती हैं और शिकायतकर्ता की पहचान को गोपनीय रखा जाता है। बता दें 102 दिनों में आई 2498 शिकायतों में से 111 केस वन स्टॉप सेंटर, 97 अन्य विभागों, 42 केस काउंसिलिंग व एक केस रेसक्यू वेन असाइनमेंट के तहत सॉल्व किया गया।

मामला हल होने के बाद रखा जाता है ध्यान
181 की मैनेजर ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी पीड़िता की शिकायत पर पूर्ण रुप से कार्य करने के बाद भी पीड़िता के टच में रहते हैं और महीनों व सालों तक पीड़िता की खबर लेते रहते हैं कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या तो नहीं। 181 के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए अभी तक केवल करनाल में ही काउंसिलिंग की गई हैं। धीरे-धीरे अन्य जिलों में भी महिलाओं को जागरूक किया जाएगा।
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किस माह में आई कितनी शिकायतें
तीन दिसंबर से 15 जनवरी तक कुल 131 शिकायतें आई हैं जिनमें से 130 शिकायतें हल हो चुकी हैं। 15 जनवरी तक आई शिकायतों में सबसे अधिक घरेलू हिंसा के 37 मामले, दुर्व्यवहार और शारीरिक घात के 17 मामले शामिल रहे। वहीं 15 जनवरी से 31 जनवरी तक कुल 40 शिकायतें आई इन शिकायतों में 39 हल हो गई सबसे अधिक शिकायतें घरेलू हिंसा (11) की रहीं। एक फरवरी से 28 फरवरी तक कुल 68 शिकायतें आई। जिसमें घरेलू हिंसा की 25 शिकायतें शामिल रही। फरवरी माह की सभी शिकायतें हल कर दी गई। एक मार्च से 12 मार्च तक कुल 23 शिकायतें आई। सभी शिकायतें हल कर दी गई घरेलू हिंसा की कुल 9 शिकायतें शामिल रही।
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