फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस छावनी में तबदील रही जिला अदालत, चौतरफा पुलिस का कड़ा पहरा

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस छावनी में तबदील रही जिला अदालत, चौतरफा पुलिस का कड़ा पहरा
विज्ञापन


- हरियाणा पुलिस की नौ बटालियन व आरपीएफ के कुल 1320 पुलिसकर्मी रहे तैनात
- फायर टेंडर व एंबुलेंस सहित पुलिसकर्मियों ने बैरिकेड्स लगाकर संभाला मोर्चा

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। जिला अदालत परिसर के चौतरफा बीते बुधवार की रात से ही हरियाणा पुलिस और रेपिड एक्शन फोर्स के जवानों का कड़ा पहरा रहा। पुलिस ने वीरवार की सुबह से अदालत परिसर के चारों तरफ बैरिकेड्स लगा दिए थे। हर किसी को पहचान पत्र दिखाने के बाद ही आगे जाने दिया गया। डीसीपी कमलदीप गोयल लगातार अदालत परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। हरियाणा पुलिस की दर्जनों गाड़ियां, वाटर कैनन और एंबुलेंस को अदालत परिसर में खड़ा रखा गया। पुलिस कंट्रोल रूम के जवानों ने भी हर पल सतर्क रहने के निर्देशों के तहत हर सूचना पर सतर्कता रखी। सुरक्षा पहरा कड़ा रखने के लिए हरियाणा पुलिस की नौ बटालियन और रेपिड एक्शन फोर्स की एक टुकड़ी के कुल 1320 पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मी सुरक्षा जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ड्यूटी पर मुस्तैद रहे।

आमजन से लेकर वकील तक देर शाम तक करते रहे फैसले का इंतजार
आमजन से लेकर जिला अदालत में मौजूद महिला और पुरुष वकील तक राम रहीम समेत चारों दोषियों को दी जाने वाली सजा के लिए शाम तक इंतजार करते रहे। सुबह से शुरू हुआ इंतजार शाम के पहर तक जा पहुंचा। सीबीआई के जज जगदीप सिंह ने दोषियों को वीरवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनाई। इससे पहले दोपहर के समय सीबीआई के वकील और बचाव पक्ष के बीच सजा को कम व अधिक बढ़ाने को लेकर बहस हुई। जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शाम को फैसला सुनाया। सीबीआई के वकील ने अदालत में कहा कि राम रहीम ने समाज के चौथे स्तंभ जर्नलिज्म समेत बच्चों को नुकसान पहुंचाया। वकील ने कोर्ट से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
विज्ञापन


दोषी राम रहीम ने सामाजिक कार्यों का दिया हवाला
फैसले से पूर्व बचाव पक्ष के वकीलों की तरफ से दोषी राम रहीम की ओर से किए गए सामाजिक कार्यों का हवाला दिया गया। लेकिन दोपहर तक दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई कोर्ट ने फैसला शाम तक टाल दिया। शाम को फैसले के समय वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दोषियों को सजा सुनाने के समय उनसे उनकी पूरी प्रोफाइल पूछी गई। वे कुछ कहना चाहते हैं या नहीं, यह भी पूछा गया।

सजा के आदेश जेल प्रबंधन के ई-मेल के माध्यम से भेजे
दोषी राम रहीम समेत अन्य तीनों दोषियों को दी गई सजा के आदेश उन्हें रोहतक और अंबाला जेल में ई-मेल के माध्यम से भेजे गए। फिर न्यायिक प्रणाली के अंतर्गत अन्य कार्यों को पूरा किया गया। बकौल सीबीआई वकील इस दौरान गुरमीत राम रहीम समेत चारों दोषियों की हालत सामान्य जान पड़ी।

वकील इंटरनेट से लेते रहे केस की जानकारी
फैसला आने से पूर्व शाम होने पर वकील नोटरी सेक्शन में बैठकर मोबाइल पर केस से जुड़ी जानकारियों को एक-दूसरे से सांझा करते रहे। साथ ही अंधेरा होने पर उन्होंने अपने मोबाइल की लाइट जलाने सहित इंटरनेट पर केस की अब तक की प्रोसिडिंग को पढ़ा। साध्वी यौन शोषण मामले में सजा सुनाए जाने के समय पंचकूला की सीबीआई अदालत में गुरमीत राम रहीम की क्या हालत थी, इस संबंध में भी वकील एक-दूसरे से जानकारी सांझा करते दिखे। किसी वकील ने कहा कि उस समय गुरमीत राम रहीम घुटनों के बल बैठ गया था। किसी वकील ने कहा कि उसे सजा सुनाए जाने के समय वह स्तब्ध हो गया था।

आमजन देखते रहे न्यूज चैनल
फैसला आने से पहले और बाद में आमजन देर रात तक टीवी पर केस से जुड़े अपडेट हासिल करते रहे। केस की हिस्ट्री और ताजा अपडेट के लिए आमजन से लेकर अन्य वर्ग के लोग फैसला आने के इंतजार में रहे। फिर सुनाई गई सजा का पता लगने के बाद आपसी चर्चा में यह कहते सुनाई दिए कि अब तो गुरमीत राम रहीम जेल में अपनी सांसे गिनेगा। जब लोगों को पता लगा कि राम रहीम की उम्र कैद की सजा उसकी साध्वी यौन शोषण केस की सजा पूरी होने के बाद शुरू होगी, तो लोग कहते सुने कि एक साम्राज्य खत्म हो गया।

इन धाराओं में दोषियों को दी गई सजा:
1. मुख्य दोषी गुरमीत राम रहीम को हत्या के जुर्म में आईपीसी(302), साजिश रचने पर आईपीसी-120/बी के तहत सजा दी गई।
2. दोषी निर्मल सिंह को हत्या के जुर्म में आईपीसी-302, साजिश रचने पर आईपीसी-120/बी और हथियार रखने के जुर्म में आर्म्स एक्ट की धारा 25-54-59 के तहत सजा दी गई।
विज्ञापन

3. दोषी कृष्ण लाल को हत्या के जुर्म में आईपीसी-302, साजिश रचने पर 120/बी और हथियार किसी अन्य को देने के जुर्म में आर्म्स एक्ट की धारा 29-54-59 के तहत सजा दी गई।
4. दोषी कुलदीप को हत्या के जुर्म में आईपीसी-302 व साजिश रचने पर आईपीसी-120/बी के तहत सजा दी गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें