निहंग अमृतधारी पिता-पुत्र को हेरोइन तस्करी में 10-10 साल कैद
चार वर्ष पहले 1.25 करोड़ रुपये की हेरोइन और 10.31 लाख की नकदी हुई थी बरामद
दो अन्य नशा तस्करी के मामलों में भी दस-दस साल की सुनाई सजा
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। एडिशनल जिला एवं सेशन जज चरनजीत अरोड़ा की अदालत ने हेरोइन तस्करी के आरोप में अमृतधारी पिता-पुत्र को 10-10 साल कैद और 1-1 लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार सीआईए स्टाफ तत्कालीन इंस्पेक्टर हरदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने 6 फरवरी 2014 को गांव धर्म सिंह वाला पुल पर गश्त के दौरान शक के आधार पर निहंग बाने में बाइक सवार विशाखा सिंह और उसके पिता विरसा सिंह गांव मेलक कंगा को 10.31 लाख की नकदी और 255 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दावा किया था कि दोनों आरोपी नशा तस्करी के लिए बदनाम गांव दौलेवाला ओर नूरपुर हकीमा के अलावा अन्य गांवों में नशा सप्लाई करते थे। दोनों आरोपी हमेशा निहंग बाने के पक्के अमृतधारी हैं। आरोपियों की जमीन सतलुज दरिया की बाढ़ में खराब हो गई थी और आमदनी का कोई साधन न होने के कारण तस्करी का धंधा शुरू कर दिया। उनके अमृतधारी होने के कारण पुलिस उन पर शक नहीं करती थी और पुलिस नाकों से भी बच निकलते थे।
यहां एडिशनल जिला एवं सेशन जज चरनजीत अरोड़ा ने दोनों गुटों के वकीलों को सुनने और तथ्यों को पढ़ने के बाद पिता पुत्र को नशा तस्करी का दोषी करार देते 10-10 साल कैद एवं 1-1 लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर एक एक साल अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।
10 साल की कैद और 1 लाख रुपये जुर्माना
इसके अलावा अन्य मामले में एडिशनल जिला एवं सेशन जज जगदीप सूद की अदालत ने भुक्की तस्करी आरोप में जीत सिंह निवासी खोसा कोटला को तस्करी का दोषी करार देते 10 साल की कैद और 1 लाख रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। थाना कोट ईसेखां पुलिस ने दोषी के पास से 23 मई 2015 को 52 किलो भुक्की चूरापोस्त बरामद किया था। वहीं एक अन्य केस में इसी अदालत ने राजविंदर सिंह उर्फ राजा को नशीले पाउडर की तस्करी आरोप में 10 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। इस केस में एक अन्य आरोपी परमिंदर सिंह को पहले ही भगोड़ा करार दिया जा चुका है। थाना सिटी साउथ पुलिस ने 9 अप्रैल 2016 को दोनों आरोपियों से 540 ग्राम नशीला पाउडर बरामद करने का दावा किया गया था।