ढाई वर्ष की जांच के बाद सरपंच पर केस
सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। थाना कोटईसे खां के अंतर्गत पड़ते गांव बलखंडी के सरपंच के खिलाफ ढाई वर्ष तक चली जांच के बाद कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सरपंच पर ब्लाक विकास पंचायत अधिकारी कोटईसे खां के कार्यालय में जाकर सुपरिंटेंडेंट तथा अन्य मुलाजिमों को प्लाटों की फाइलें न जमा करने पर अपने आप व मुलाजिमों पर तेल छिड़ककर आग लगाने की धमकी देने का आरोप है।
तत्कालीन ब्लाक विकास पंचायत अधिकारी जगीर सिंह ने एसएसपी को 7 जून 2016 को शिकायत पत्र दिया था कि आरोपी जगसीर सिंह सरपंच गांव बलखंडी हमारे कोटईसे खां स्थित कार्यालय में आया। उसके पास गरीब लोगों के लिए 5-5 मरले के प्लाटों की फाइलें थीं। उसने आकर सुपरिंटेंडेंट से कहा कि वह हमारी फाइलें जमा कर लें। सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि फाइलें अधूरी हैं, इसलिए हम जमा नहीं कर सकते, मुकम्मल करके लाओ।
इस पर सरपंच ने मनरेगा में काम करती महिलाओं तथा अन्य लोगों को भारी संख्या में कोटईसे खां पहुंचने को कहा और यह भी कहा कि वह खुद को आग लगा लेगा और मुलाजिमों को भी जला देगा और इस तरह उसने सुपरिंटेंडेंट तथा अन्य मुलाजिमों को धमकियां दी और सरकारी काम में बाधा डाली। एसएसपी के निर्देश पर करीब ढाई साल चली जांच के बाद उस समय के सुपरिटेंडेंट हरबंस सिंह के बयान पर जगसीर सिंह सरपंच गांव बलखंडी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है।