रिवाइज, महत्वपूर्ण
एक बॉक्स जोड़ा है, जंगल के बाहर तीन कोठियां, इसी में रहते थे आरोपी
एक बॉक्स जोड़ा है, जंगल के बाहर तीन कोठियां, इसी में रहते थे आरोपी
महत्वपूर्ण, सभी केंद्रों के लिए, खबर की फोटो अरेंज नहीं हो पाई
विदेश ले जाने के नाम पर बंगलूरू के जंगलों में कर दते थे शूट, दो गिरफ्तार
बंगलूरू से बदमाशों के चंगुल से छूटकर बरनाला पहुंचे युवक ने किया खुलासा
पुलिस ने दिल्ली और कनाडा निवासी सहित आठ पर दर्ज किया केस
पीड़ित ने कहा-तीन लोगों को उसके सामने किया गया शूट
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। विदेश ले जाने के नाम पर बंगलूरू के जंगलों शूट करने का मामला सामने आया है। बंगलूरू से बदमाश एजेंटों के चंगुल से छूटकर आए गुरप्रीत सिंह पुत्र मक्खन सिंह, गांव काहनेके ने बरनाला आकर एसपी-एच शरणजीत सिंह के आफिस में दिल दहलाने वाले खुलासे किए हैं। शुक्रवार को एसपी-एच शरणजीत सिंह के आफिस में पीड़ित गुरप्रीत सिंह निवासी गांव काहनेके जिला बरनाला ने बताया कि उसे कनाडा भेजने का लालच देकर सुखप्रीत सिंह ठीकरीवाला और उसके साथियों ने उससे 25 लाख रुपये लिए और दिल्ली से फ्लाइट लेकर बंगलूरू में उतार दिया। जहां इनके गिरोह के लोग उसे बंगलूरू के जंगलों में ले गए। इन जंगलों में उसकी तरह कई नौजवान देश के अलग-अलग हिस्सों से और पंजाब के विभिन्न शहरों के थे। एसपी एच शरणजीत सिंह ने बताया कि बंगलूरू के जंगलों से छूटकर आए पीड़ित गुरप्रीत सिंह ने बताया विदेश जाने वाले युवकों को बंगलूरू के जंगलों में ले जाकर बंदूक की नौक पर परिजनों को फोन कराते हैं कि वह कनाडा पहुंच गए हैं और इतने रुपये एजेंटों को दे दिए जाएं। गोली के डर से युवक अपने परिजनों को कह देते थे कि वह विदेश पहुंच गए हैं और राशि एजेंटों को दे दें। इस तरह उन्हें भूखा प्यासा रखकर बंगलूरू के जंगलों में रखकर परिजनों से वसूली की जाती थी।
प्लास्टिके के बड़े लिफाफे में बंद कर मारते थे गोली
एसपी एच ने बताया कि जिनके परिजनों को शक हो जाता था कि उनका लड़का किसी के डर के कारण झूठ बोल रहा है और वह विदेश नहीं पहुंचा है तो उस लड़के को एक बडे़ प्लास्टिक के बड़े लिफाफे में बंद कर गोली मार दी जाती थी। ताकि मृतक का खून लिफाफे में ही गिरे और उसके बाद उसे खाई में झाड़ियों के बीच में फेंक दिया जाता था। उसके सामने तीन युवकों को शूट किया गया।
गिरोह की बात लीक होने पर भागने को कहा
एसपी शरणजीत सिंह ने कहा कि पीड़ित गुरप्रीत सिंह के अनुसार उसे बंगलूरू के जंगलों में वहां के गिरोह ने एक महीना भूखा प्यासा रखा और लगातार उसकी पिटाई करते रहे। उसे एक महीने में सिर्फ एक बार चावल और एक बार एक सेब दिया। बाकी वक्त उसे सिर्फ पानी देते थे। उसने कहा कि बंगलूरू के जंगलों में इस गिरोह के ही एक व्यक्ति ने उसे वहां से भगा दिया। क्योंकि वहां इस गिरोह की बात लीक होने की सूचना गिरोह के लोगों को मिल गई थी। वह बड़ी मुश्किल से बंगलूरू से दिल्ली आया और फिर वापस बरनाला पहुंचा।
आठ आरोपियों में से छह पंजाब के
एसपीएच शरणजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जबकि थाना रूडेके कलां के प्रभारी मनजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित गुरप्रीत सिंह पुत्र मक्खन सिंह निवासी काहनेके जिला बरनाला के बयान पर गुरप्रीत सिंह निवासी कनाडा, रणजीत सिंह निवासी मोगा, सुखप्रीत सिंह निवासी गांव ठीकरीवाला जिला बरनाला, सागर सिंह निवासी अमृतसर, चौधरी निवासी दिल्ली, गुरपाल सिंह निवासी बरनाला, अनमोल शर्मा निवासी तपा और हनी शर्मा निवासी बरनाला के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जबकि मामले में रणजीत सिंह मोगा व सुखप्रीत सिंह रिंकू ठीकीरावाला को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
जंगल के बाहर तीन कोठियां, इसी में रहते थे आरोपी
जंगल के बाहर तीन कोठियां हैं। आरोपी खुद इन्हीं कोठियों में रहते थे। पीड़ितों की निगरानी के लिए कुछ मुस्लिम लोग रखे हुए थे। जिन पीड़ितों के परिजन आरोपियों के खाते में पैसे डाल देते थे, उन्हें छोड़ने के बजाय भूखा प्यासा रखा जाता था। बीच में एक दो बार परिजनों से बात करा दी जाती थी कि वह कनाडा में ठीक हाल में हैं। जो विरोध करता था उसे मारकर फेंक देते थे। पीड़ित के अनुसार जब वह छूटकर भागा था तो कुल आठ लोग बंदी बनाए हुए थे। वो छूटे हैं या नहीं इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।
बचाव में आए अकाली नेता को दो टूक जवाब
एसपी एच शरणजीत सिंह ने कहा कि इनके एक और साथी सुखविंदर सिंह टीनू से भी पूछताछ की जाएगी। उसको भी मामले में नामजद किया जाएगा। इसके अलावा जिस व्यक्ति ने पीड़ित गुरप्रीत सिंह को बरनाला में चार महीने छुपाकर रखा, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में नामजद आरोपी के पीछे शुक्रवार को अकाली नेता व नगर काउंसिल बरनाला के प्रधान संजीव कुमार शोरी अपने कुछ और साथियों के साथ आए। लेकिन एसपी एच शरणजीत सिंह ने दो टूक जवाब दिया कि मामला संवेदनशील है, जो भी आरोपी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।