गढ़दीवाला में गोलियां बरसाकर बुजुर्ग की हत्या
दूध बेचकर एक्टिवा पर जा रहे थे अपने घर
नकाबपोश हमलावरों ने मारीं आठ गोलियां
पुलिस बोली-चंडीगढ़ में हुई सरपंच की हत्या का बदला लेने के लिए किया गया मर्डर
मृतक सरपंच के तीन भाइयों समेत आठ लोगों के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट
युवक के परिजनों ने सड़क पर शव रखकर शाम तक लगाया जाम, एसएसपी के आश्वासन पर खोला
गढ़दीवाला (होशियारपुर)।
चार माह पहले हत्या की कोशिश नाकाम रहने के बाद बुधवार की सुबह हमलावरों ने गढदीवाला के दशहरा ग्राउंड के पास बुजुर्ग अमरीक सिंह की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक यह हत्या इस साल अप्रैल में चंडीगढ़ में हुई गांव खुर्दां के सरपंच सतनाम सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए की गई है। पुलिस ने अमरीक सिंह (60) की हत्या के संबंध में मृतक सरपंच सतनाम सिंह के तीन भाइयों को नामजद करते हुए 8 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। बता दें कि अमरीक सिंह की पत्नी और बेटे के साथ रहता था। जबकि अमरीक की एक बेटी विदेश में रहती है।
हमलावरों ने इस हत्या को उस वक्त अंजाम दिया जब अमरीक सिंह निवासी गढदीवाला सुबह दूध बेचकर आपनी एक्टिवा से घर जा रहा था। जब अमरीक सुबह 7:35 बजे दशहरा ग्राउंड के पास पहुंचा तो कुछ नकाबपोश हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमलावरों ने सात-आठ गोलियां अमरीक सिंह पर दागीं, जो उनके सिर, पीठ व पेट में लगीं, जिनसे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर लोगों का घटनास्थल पर हुजूम लग गया। डीएसपी दसुआ राजिंद्र शर्मा ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
जब पुलिस अमरीक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो परिजनों ने इंकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक कातिल नहीं पकड़े जाएंगे, वे शव को उठने नहीं देंगे। इसके बाद उन्होंने शव को सड़क के बीच रखकर जाम लगा दिया। मामला बढ़ने पर एसएसपी होशियापुर जे. एलांचेझियन ने गढदीवाला पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया कि बृहस्पतिवार तक आरोपी पकड़े जाएंगे। तब जाकर शाम पांच बजे लोगों ने जाम हटाया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह फिर जाम लगा देंगे।
चार महीने पहले भी हुआ था जानलेवा हमला
गौरतलब है कि अमरीक सिंह पर इसी साल 20 अगस्त को भी गोलियां बरसाई गईं थीं, जिसमें वह बाल बाल बच गए थे। जबकि उनके साथ खड़े एक अन्य व्यक्ति के पैर में गोली लगी थी। अमरीक सिंह के परिजनों ने कहा कि पुलिस भली भांति जानती थी कि अमरीक सिंह के परिवार के साथ कुछ लोगों की पुरानी रंजिश चल रही है। इसकी शिकायत भी उन्होंने पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसका नतीजा अमरीक की हत्या के रूप में सामने आया।
रिवाल्वर के लाइसेंस के लिए किया था आवेदन
अगस्त में हुए जानलेवा हमने के बाद अमरीक ने रिवाल्वर के लाइसेंस के लिए भी आवेदन किया था। लाइसेंस के संबंध में वह पहले मंगलवार को एसएसपी दफ्तर होशियारपुर भी गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द लाइसेंस मिल जाएगा, लेकिन बुधवार को उनकी हत्या हो गई। एसएसपी जे. एलांचेझियन ने बताया कि मामले में मृतक के भाई तरलोक सिंह की शिकायत पर गांव खुर्दां के मृतक सरपंच सतनाम सिंह के तीन भाइयों ज्योति, प्रिंस, जंग को नामजद करते हुए 8 लोगों को खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि हत्यारों की तलाश की जा रही है और जल्दी ही वह पुलिस की गिरफ्त में होंगे। गौरतलब है कि सतनाम की अप्रैल माह में उस वक्त चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित गुरुद्वारे के बाहर सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।