मालखाने में छेड़छाड़ के आरोपी पुलिस कर्मी ने की आत्महत्या
आक्रोशित परिजनों ने शव राष्ट्रीय राजमार्ग पर रख जाम लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर/ मलोट। फाजिल्का पुलिस की ओर से चार पुलिस कर्मचारियों पर मामला दर्ज किए जाने के केस में नया मोड़ आ गया है। इस केस के एक आरोपी मलोट के गांव सरावां बोदला निवासी हेड कांस्टेबल सुरजीत शर्मा की हरियाणा में ट्रक तले आने से मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है पुलिस की ज्यादती के सुरजीत ने खुदकुशी की है। परिजनों ने सोमवार को गांव कबरवाला स्थित दिल्ली-मलोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेड कांस्टेबल का शव रख प्रदर्शन किया। देर शाम तक परिजन व अन्य सुरजीत की मौत के लिए जिम्मेदारी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
मृतक के बेटे खुशदीप सिंह का कहना है कि पुलिस उसके पिता के खिलाफ दर्ज मामले की आड़ में उसके परिवार व रिश्तेदारों को नाजायज हिरासत में रख कर जलील किया कर रही थी, जबकि उसके पिता को जमानत मिल चुकी है। खुशदीप का कहना है कि पुलिस अधिकारियों के जलील करने पर उसके पिता ने जीवन लीला समाप्त की है। पुलिस के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सुरजीत सिंह की मौत के जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उल्लेखनीय है कि सुरजीत सिंह फाजिल्का जिले की मंडी अरनीवाला शेख सुभान के थाने में तैनात था। उसके गांव से संबंधित सब इंस्पेक्टर मेजर सिह व दो अन्य अपरिचित कर्मचारियों के खिलाफ बीती 12 मार्च को फाजिल्का जिले के पुलिस मालखाने में रखे नशे को खुर्द-बुर्द करने के कथित दोषों के तहत पहली अप्रैल को फाजिल्का सिटी में कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। इस मामले में सुरजीत सिंह ने आत्मसमर्पण किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। दूसरे आरोपी सब इंस्पेक्टर मेजर सिंह की अभी कुछ समय पूर्व हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस सुरजीत सिंह से दोबारा से पूछताछ करना चाहती थी।
आरोपी सब इंस्पेक्टर मेजर सिंह की ओर से मालखाने में नशा खुर्द-बुर्द करके के मामले में सुरजीत सिंह की मुख्य भूमिका का खुलासा किया जा रहा है। इसलिए पुलिस सुरजीत सिंह को पूछताछ के लिए बुलाना चाहती थी। रविवार को उसकी जमुना नगर (हरियाणा) में हादसे में मौत हो गई। सुरजीत के शव का पोस्टमार्टम भी हो गया। सुरजीत के परिवार वाले पुलिस पर बिना कारण दबाव बनाना चाहते हैं। - सुशील कुमार, एसएसपी मुक्तसर