शिमला के ध्यानार्थ
उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक और उद्योगपति को भेजा जेल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हिमाचल उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक (निलंबित) तिलकराज शर्मा और उद्योगपति अशोक राणा को सीबीआई कोर्ट ने जेल भेज दिया है। सीबीआई ने चार दिन का रिमांड समाप्त होने के बाद दोनों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। इसके बाद दोनों को बुड़ैल स्थित जेल भेज दिया गया।
पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई के हत्थे चढ़े संयुक्त निदेशक और उद्योगपति का जांच एजेंसी दो बार दो-दो दिन का रिमांड ले चुकी थी। रिमांड के दौरान उनकी स्टेटमेंट के आधार पर सीबीआई ने कई अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। इनमें सीएम के ओएसडी पीएस रघुवंशी, दिल्ली निवासी बिचौलिया सुरेश पठानिया, चंडीगढ़ निवासी संदीप कुमार समेत हिमाचल के कुछ इंडस्ट्रियलिस्ट भी शामिल थे। इसके अलावा भी कुछ अन्य लोगों से पूछताछ की गई थी। हालांकि मामले में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है। वहीं पूछताछ के दौरान तिलकराज के पहले भी कुछ लोगों से पैसे लेकर दिल्ली पहुंचाने की बात सामने आई है। यह बात भी सामने आई है कि अशोक राणा ने तिलकराज के कहने पर 21 मई को सात लाख रुपये सुरेश पठानिया को दिए थे।
नहीं आया सुरेश पठानिया
सीबीआई ने दोबारा पूछताछ के लिए शनिवार को सुरेश पठानिया को बुलाया था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह आ नहीं सका। इसलिए उसे सोमवार को दोबारा बुलाया गया है। वहीं हिमाचल के दो उद्योगपतियों से जांच एजेंसी ने शनिवार को 3-4 घंटे पूछताछ की।
क्रॉसर
- सब्सिडी के बदले पांच लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था
-पूछताछ में सामने आया, तिलकराज के कहने पर राणा ने पठानिया को 21 मई को दिए थे सात लाख रुपये