दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को 8-8 साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने दहेज हत्या में दोषी पति, सास और ससुर को 8-8 साल की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 3-3 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वालों में विकासनगर, मौलीजागरां निवासी राजू कुमार, राजेंद्र प्रसाद और कमलावती शामिल हैं।
मौलीजागरां पुलिस को दी शिकायत में सिवान बिहार निवासी प्रभुनाथ शाह ने कहा था कि उसकी पांचवें नंबर की बेटी उर्मिला की शादी राजू कुमार से 5 जून 2015 को हुई थी। शादी के एक सप्ताह बाद ही वे लोग विकासनगर स्थित घर आ गए। शादी के बाद से राजू, राजेंद्र और कमलावती ने उनकी बेटी को कभी बिहार स्थित घर नहीं आने दिया। उन्होंने कई बार उसे फोन करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उनकी बात बेटी से नहीं करवाई। जुलाई 2016 में वह खुद बेटी से मिलने चंडीगढ़ आए। यहां उनके दामाद और उसके माता-पिता ने उनसे दुर्व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने उससे 4 तोले की सोने की चेन मांगी। इस पर प्रभुनाथ ने उन्हें शादी में दिए तीन लाख भी जमीन बेचकर देने की बात कही। साथ ही कहा कि अब उसके पास देने को कुछ नहीं है। इसके बाद तीनों ने उनके सामने ही उनकी बेटी उर्मिला से मारपीट की। उर्मिला का सामान घर से बाहर फेंक दिया। प्रभुनाथ के काफी मिन्नत करने के बाद भी वे नहीं माने। इस पर उसने उन्हें छठ पूजा पर सोने की चेन देने की बात कही। फिर वह अपने घर बिहार आ गए।
यहां आकर उन्होंने कई बार बेटी से फोन पर बात करनी चाही, लेकिन दोषियों ने उनकी बात उससे नहीं करवाई। बेटी उन्हें चोरी छिपे जब भी फोन करती तो यही बताती कि उसके ससुराल वाले रोजाना उसे पीटते हैं। 12 नवंबर 2016 को प्रभुनाथ को राजेंद्र प्रसाद का कॉल आया कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। इसके बाद प्रभुनाथ चंडीगढ़ आए और पुलिस में उनकी बेटी की हत्या करने के आरोप में राजू कुमार, राजेंद्र प्रसाद और कमलावती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने इसे आत्महत्या माना और तीनों के खिलाफ उर्मिला को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया।
- कोर्ट ने तीनों कोे 3-3 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया