मनी एक्सचेंजर कर्मी को गोली मारकर
पांच लाख लूटने के मामले में पूछताछ
-शोरूम में काम करते हैं 4 कर्मचारी, पिछले सात दिनों का खंगाला सीसीटीवी फुटेज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर-52/53 डिवाइडिंग रोड पर बीते शनिवार की रात मनी एक्सचेंजर के कर्मचारी को गोली मारकर 5 लाख लूटने के मामले में रविवार को शोरूम के वर्करों समेत अन्य से पुलिस ने पूछताछ की। शोरूम में पीड़ित समेत चार कर्मचारी काम करते हैं। रेकी की आशंका पर पुलिस एरिया में पिछले सात दिनों तक का सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। वारदात के बाद से ही क्राइम ब्रांच, आपरेशन सेल समेत अन्य पुलिस विंग अलर्ट पर है। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
क्रिमिनलों का खंगाला जा रहा रिकार्ड
वारदात के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए आला अधिकारियों ने कई टीमें बनाई हैं। पुलिस पुराने क्रिमिनलों का रिकार्ड भी खंगाल रही है ताकि उनसे कुछ सबूत जुटाएं जाएं।
वारदात स्थल पर नहीं लगा कोई कैमरा
जिस जगह वारदात को अंजाम दिया गया। वहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। कयास लगाए गए कि सेक्टर-22 स्थित मनी एक्सचेंजर के आफिस से उसका पीछा किया गया होगा। पुलिस अब उन सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है जिस रास्ते से नरेश कुमार शोरूम से निकल कर सेक्टर-52/53 के डिवाइडिंग रोड वारदात स्थल तक पहुंचा।
यह था मामला
सेक्टर-22 स्थित शोरूम नंबर 845/46 में हेज मनी एक्सचेंजर के शोरूम में नरेश कुमार काम करता है। बीते शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह एक्टिवा (सीएच01 बीके 6892) से वापस अपने घर लौट रहा था। उसके बैग में विदेशी करेंसी समेत करीब पांच लाख रुपये थे। सेक्टर 52/53 के डिवाइडिंग के पास पहुंचा तो बाइक पर सवार दो युवकों ने नरेश कुमार से ट्रिब्यून चौक जाने के लिए रास्ता पूछा। इतने में बाइक के पीछे बैठे बदमाश बैग छीनने लगा। बैग को नहीं छोड़ने पर आरोपियों ने नरेश पर गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली उनके जांघों को छूती हुई दूसरे पैर में जा घुसी। इसके बाद आरोपी बैग लेकर फरार हो गए।
बड़े मामलों को सुलझाने में यूटी पुलिस नाकाम
केस नंबर-1
बीते साल 10 जनवरी को सेक्टर-33 स्थित बिजनेस मैन अजीत जैन के घर में बदमाश जबरन घुस गए और सभी को गन प्वाइंट पर बंधक बनाकर करीब एक करोड़ रुपये की गहने और नकदी लेकर फरार हो गए थे।
केस नंबर-2
बीते वर्ष 22 फरवरी को बिजनेसमैन के बेटे हरप्रीत सिंह को सेक्टर-9 स्थित जिम से निकलते ही तीन बदमाशों ने मर्सडीज कार में गन प्वाइंट पर अपहरण कर तीन लाख की फिरौती लेकर फरार हो गए।
केस नंबर-3
बीते वर्ष सेक्टर-22 स्थित करन ज्वैलर्स के मालिक पर फायरिंग कर लाखों के जेवरात लूटकर फरार हो गए थे, जिनका आज तक पता नहीं चला।