किराये पर रह रही महिला का मिला शव, पति गायब
- नाक और मुंह से बह रहा था खून, गले पर थे निशान और चेहरा पड़ गया नीला
- अन्य कमरे की किरायेदार युवतियों ने बदबू आने की शिकायत मकान मालिक से की तो हुआ खुलासा
- पुलिस ने जांच के बाद कमरे से पति का फोटो किया बरामद, प्राथमिक जांच में हत्या की आशंका
अमर उजाजा ब्यूरो
मनीमाजरा। शांति नगर में मकान नंबर 109 के एक कमरे से किराये पर रह रही 30 वर्षीय महिला का शव संदिग्ध हालात में मिला। महिला के नाक और मुंह से खून बह रहा था। गले पर निशान थे और चेहरा नीला था। शव करीब दो दिन पुराना होने से कमरे से बदबू भी आ रही थी।
इसकी जानकारी मकान मालिक को मंगलवार रात 11 बजे मिली। सूचना पाकर मनीमाजरा थाना प्रभारी रणजीत सिंह पहुंचे। महिला का शव गद्दे पर पड़ा था। फोरेंसिक मोबाइल टीम ने कमरे से सबूत जुटाए। शव को सेक्टर 16 जनरल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। मृतका की पहचान नहीं हो सकी। उसका पति वारदात के बाद से गायब है। वहीं, बच्चे का भी कुछ पता नहीं चल पाया। प्राथमिक जांच में पुलिस को मामला हत्या का लग रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत का कारण पता चले सकेगा। पुलिस ने महिला के पति की तलाश शुरू कर दी है।
शांतिनगर के मकान नंबर 109 के मालिक मोहिंद्र प्रसाद ने पुलिस को बताया कि 21 जनवरी को दंपती ने ग्राउंड फ्लोर पर कमरा किराये पर लिया था। दंपती के साथ उनका एक बच्चा था। मोहिंद्र ने बताया कि हमारा परिवार तीन दिन पहले हरिद्वार चला गया था। सोमवार को परिवार वापस आया तो मंगलवार रात साढ़े दस बजे ग्राउंड फ्लोर पर अन्य कमरे में किराये पर रहने वाली दो युवतियों ने बताया कि सामने वाले कमरे में महिला दो दिन से बाहर नहीं आ रही है और कमरे के अंदर से बदबू आ रही है। उन्होंने सूचना पुलिस को दी।
मोहिंद्र ने बताया कि दंपती ने उन्हें वेरिफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं कराए थे। महिला का पति आईटी पार्क में सिक्योरिटी कंपनी में काम करता था। पुलिस ने कमरे से महिला के पति का फोटो बरामद किया। पुलिस अब सिक्योरिटी एजेंसियों में जाकर मृतक महिला और उसके पति का फोटो दिखाकर उनकी पहचान करने में प्रयास में जुटी है।
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आरोपी को पकड़ने के लिए करनी होगी दौड़-धूप
घटना के बाद पुलिस और मकान मालिक पर दबाव बढ़ गए हैं, क्योंकि नियम अनुसार किसी भी व्यक्ति को किरायेदार, नौकर आदि रखने से पहले उसका आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि लेकर पुलिस के पास जमा करवाने होते हैं जोकि शांति नगर के मकान मालिक मोहिंद्र प्रसाद ने नहीं दिए। अब अगर पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज करती है तो भी आरोपी को पकड़ने के लिए लंबी दौड़-धूप करनी होगी, क्योंकि मकान मालिक के पास किरायेदार का मोबाइल नंबर या पहले वह कहां का रहने वाला है, कुछ जानकारी नहीं है।
लोग करते हैं लापरवाही
पुलिस बार-बार कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करती है और फार्म आदि भी खुद भरती है, लेकिन उसके बाद भी लोग ऐसा करने में लापरवाही करते हैं और फिर खुद कानूनी शिकंजे में फंस जाते हैं। इसलिए लोगों को किरायेदार और नौकर रखने के पहले दिन ही उसके आधार कार्ड, वोटर कार्ड देकर उसके पक्के पता की जांच करनी चाहिए।