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पुलिस थानों में सालों से खड़े हैं 2092 वाहन

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नोट: पुलिस थानों में खड़े वाहनों की फोटो का इस्तेमाल करें।
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थानों में खड़े जब्त वाहनों के निपटारे को पुलिस का निजी कंपनी से करार
-विभिन्न अपराध में जब्त कुल 2092 वाहन घेरे हैं पुलिस थानों में जगह
-पुलिस ने कंपनी को सौंपी वाहनों की सूची, 500 वाहन मालिकों का लगाया पता
-जब्त वाहनों का 100 फीसदी डिस्पोजल कर देश का पहला शहर बनेगा चंडीगढ़
अविनाश शर्मा
चंडीगढ़। शहर के पुलिस थानों में विभिन्न श्रेणी के अपराध में जब्त वाहनों को उनके मालिकों तक पहुंचाने के लिए यूटी पुलिस विभाग ने एक निजी कंपनी तुषार अर्बन एवं एसोसिएट्स, इंश्योरेंस सर्वेयर एवं लॉस असेसर से मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया है। कई साल से थानों में खड़े जब्त वाहनों और केस प्रॉपर्टी के रूप में रोजमर्रा जब्त किए जाने वाले अन्य वाहनों से थानों में जगह कम पड़ने लगी है। पुलिस विभाग ने यह चिंता दूर करने और मालिकों तक उनके वाहन पहुंचाने को कंपनी की मदद ली है। वाहनों के निपटान के लिए एसएसपी निलांबरी विजय जगदले ने बीते दिनों एसएचओ और डीएसपी से मीटिंग की थी। मीटिंग में उन्हें थानों में खड़े उन सभी वाहनों का निपटारा करने के निर्देश दिए थे, जिनसे संबंधित केस खत्म हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन वाहनों के मालिक अपनी प्रॉपर्टी को वापस लेने नहीं आए। थाना और डीएसपी स्तर पर किए सर्वे में पुलिस थानों में जब्त खड़े मिले ऐसे वाहनों की संख्या 2092 है। उक्त कंपनी के कर्मचारी इन वाहनों के मालिकों की तलाश कर उन तक उनकी प्रॉपर्टी पहुंचाएंगे। कंपनी पुलिस विभाग को यह सर्विस निशुल्क देगी। इसके लिए सर्विस प्रोवाइडर कंपनी पुलिस विभाग से तैयार इन जब्त वाहनों की सूची हासिल कर चुकी है। कंपनी अधिकारी अपने स्तर पर सभी पुलिस थानों में जाकर उन्हें दी सूची को स्वयं क्रास चेक करेंगे।

आरटीओ और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से जुटाया जाएगा रिकॉर्ड
पुलिस विभाग और सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के अधिकारी जब्त वाहनों के मालिकों का पता लगाने की दिशा में आरटीओ समेत मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से रिकॉर्ड जुटाएंगे। सर्विस प्रोवाइडर कंपनी की तरफ से दी जाने वाली जानकारी के बाद यूटी पुलिस वाहनों के मालिकों से संपर्क कर उनसे समन्वय स्थापित करेगी। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन सभी वाहनों को उनके मालिकों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। इस दिशा में भारत सरकार के वाहन एप की भी मदद ली जा सकती है, लेकिन कई साल पुराने वाहनों का रिकॉर्ड एप पर अपलोड नहीं मिलने पर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी और पुलिस आरटीओ ऑफिस से रिकॉर्ड हासिल करेगी।
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कंपनी ने पांच सौ वाहनों के मालिकों का लगाया पता
पुलिस ने कंपनी के साथ 22 अक्टूबर 2018 को एमओयू साइन किया। इस समयावधि के बीच कंपनी अब तक उन पांच सौ वाहनों के मालिकों का पता लगा चुकी है, जिन वाहनों को पुलिस ने विभिन्न आपराधिक श्रेणियों में जब्त किया था, लेकिन केस खत्म होने पर भी इन वाहनों के मालिक किन्हीं न किन्हीं कारणों से अपनी प्रॉपर्टी लेने नहीं पहुंचे।

किस डिवीजन के थानों में खड़े हैं कितने वाहन
1. सेंट्रल डिवीजन
थाना-3 में 134
थाना-11 में 270
थाना-17 में 155
थाना सारंगपुर में 37
(कुल वाहन-596)

2. ईस्ट डिवीजन
थाना-19 में 67
थाना-26 में 145
थाना-इंडस्ट्रियल एरिया में 88
थाना-मौलीजागरां में 38
थाना-मनीमाजरा में 224
थाना-आईटी पार्क में 17
(कुल वाहन-579)

3. साउथ डिवीजन
थाना-31 में 170
थाना-34 में 280
थाना-36 में 196
थाना-39 में 164
थाना-49 में 21
थाना-मलोया में 86
(कुल वाहन:917)

तेजी से सौ फीसदी डिस्पोजल कर देश का पहला शहर बनेगा चंडीगढ़
यूटी पुलिस ने पुलिस थानों में खड़े जब्त वाहनों के सौ फीसदी डिस्पोजल का टारगेट तय किया है। पुलिस विभाग ने दावा किया है कि जब्त वाहनों का सबसे तेजी से निपटारा करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला शहर होगा।
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कोट्
कई साल से थानों में खड़े जब्त वाहन उनके मालिकों तक पहुंचाने के लिए एक निजी कंपनी से एमओयू साइन किया गया है। ऐसे वाहनों के निपटारे को कंपनी पुलिस विभाग को निशुल्क सर्विस प्रोवाइड करेगी। वाहन मालिकों को ट्रेस कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके वाहन सुपुर्द किए जाएंगे।
-निलांबरी जगदले, एसएसपी, यूटी।
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