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फर्नीचरी मार्केट में हाजारों लीटर रखे थिनर की वजह से लगी भीषण आग

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फोटो सहित-
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सैकड़ों लीटर थिनर ने आग को दिया विकराल रूप
6 करोड़ का फर्नीचर जलकर राख, फिर भी नहीं दी गई पुलिस को शिकायत
-आग के कारणों का नहीं हुआ खुलासा, रात 9 बजे मार्केट में बिजली हो जाती है गुल
-बेड, सोफा, गद्दे, अलमारी, केमिकल और अन्य सामान खाक
- सुबह तक आग बुझाते रहे फायरकर्मी, दुकानों में नहीं थे अग्निशमन यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर-53 स्थित फर्नीचर मार्केट में लगी आग को दुकानों और गोदामों में रखे सैकड़ों लीटर थिनर ने विकराल रूप दिया। घटना वाले दिन अलग-अलग गोदामों में सैकड़ों लीटर थिनर रखा था। थिनर को फर्नीचर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। ज्वलनशील थिनर रखे होने से आग ने एक के बाद 26 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक रूप से कोई खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि आग से लगभग 6 करोड़ के फर्नीचर खाक हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक किसी व्यापारी ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पिछले 19 साल में फर्नीचर मार्केट में अब तक 9 बार आग लग चुकी है। हर बार लाखों-करोड़ों का माल जलकर राख हो जाता है, लेकिन आग लगने के सही कारणों का आज तक पता नहीं चल सका। आखिरकार इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेवार है, यह बड़ा सवाल बना है।
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बुधवार को मार्केट बंद थी। आग की वजह से दुकान और गोदाम का पूरा सामान जलकर राख हो गया। दुकानदारों को यकीन नहीं हो रहा कि आखिरकार यह सब कैसे हो गया। मार्केट के प्रधान के बेटे संजीव ने बताया कि किसी की दुकान तो किसी का गोदाम में रखा करीब 6 करोड़ से ऊपर का फर्नीचर जलकर राख हो गया। आग इतनी जबरदस्त थी कि अगली सुबह तक दुकानों से लपटें बाहर आ रही थीं। सभी लोग बचे हुए सामानों को बाहर निकालने के लिए मशक्कत करते दिखे। इस दौरान जगह-जगह से आग के धुएं को बाहर निकलते देख फायरकर्मी भी पीछे नहीं रहे और पूरी मुस्तैदी के साथ आग पर काबू पाते दिखे। दुकानदार अपने-अपने दुकान और गोदामों से जले हुए गद्दे, बेेड, सोफा, अलमारी, फर्नीचर के अलावा लकड़ी और अन्य कीमती सामानों को अलग-अलग कर रहे थे।

फर्नीचर बनाने के लिए इन-इन केमिकल का होता है इस्तेमाल
घटना के अगले दिन मार्केट में भीड़ इकट्ठा थी। आग कैसे लगी यह किसी को नहीं पता। सभी आपस में बात कर रहे थे कि आग के भीषण रूप लेने की मुख्य वजह केमिकल (थिनर) है, जोकि फर्नीचर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह एक तरीके से पेट्रोल के जैसे काम करता है। आग लगने के बाद कई धमाके भी हुए। उन्होंने बताया कि मिलामाइन, स्टीनर, लाइकर, सिलर और अन्य केमिकल भी इस्तेमाल किया जाता है।

सुरक्षा के लिहाज से नहीं थे अग्निशमन यंत्र
मार्केट में करीब फर्नीचर की 145 दुकानें है, जिसमें करीब 4500-5000 वर्कर काम करते हैं। इतने बड़े मार्केट में सुरक्षा के लिहाज से कहीं न कहीं भारी चूक भी है। जिस लाइन में फर्नीचर की दुकानों में आग लगी, उनमें एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिरकार उनके दुकानों पर अग्निशमन यंत्र क्यों नहीं था।

5 से 25 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस
फर्नीचर मार्केट में आग लगने के बाद बुधवार का बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सर्वे किया। एक बीमा कंपनी के बलविंदर ने बताया कि अब तक कुल 9 दुकानदारों के इंश्योरेंस सामने आए है। इनमें 7 दुकानों में करीब 10 और 2 दुकानों में 25 लाख रुपये का इंश्योरेंस सामने आया है। बाकी टीम अगले दिन सर्वेे करेगी।

पानी को भी ज्वलनशील बनाता है थिनर-
थिनर बेहद खतरनाक केमिकल है। इसे पानी में मिलाकर घोलने से और भी ज्यादा ज्वलनशील हो जाता है। यह पोटाश का काम करता है। इसे रखने लिए लाइसेंस की जरूरत होती है।


पेड़ भी हुए बर्बाद
फर्नीचर मार्केट के आसपास करीब 8 से 10 पेड़ है। जिस समय यह लगी पेड़ भी उनकी चपेट में आ गई। जिससे कई पेड़ तो पूरी तरह जलकर बर्बाद हो गए। जबकि कई पेड़ दुकानों के ऊपर ही गिर पड़े। हालांकि, इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। इसके अलावा कई पेड़ों में सुबह तक आग देखने को मिली, जिसमें से आग की लपटें बाहर आ रही थीं।

कई अनसुलझे सवाल?
1- आखिरकार देर-रात में ही क्यों हर बार दुकानों में लगती है आग
9 बार आग लगने के बावजूद क्यों नहीं सामने आया आग लगने का कारण
3-पुलिस को क्यों नहीं दी गई शिकायत
4-थिनर से आग इतनी भयानक होती है तो इसे भारी मात्रा में रखने की क्यों है अनुमति
5-इस लापरवाही का जिम्मेवार कौन है

टाइमलाइन-
10.20 बजे आग लगने की सूचना
10.31 पहुंची फायर ब्रिगेड
10.50 ट्रैफिक डायवर्ट
03.10 आग पर पाया काबू

कोट्
हाईकोर्ट में चल रहा है केस-
साल 1985 से यहां पर फर्नीचर की मार्केट है। बाद में मार्केट को हटाने का निर्देश जारी हुआ, लेकिन इसके बाद यह केस हाईकोर्ट में चल गया। बाद में हाईकोर्ट से दुकानदारों ने स्टे ले लिया। जिसका केस आज तक चल रहा है। इस दौरान फर्नीचर मार्केट एसोसिएशन के लोगों ने बीते कई साल पहले गर्वनर से मुलाकात भी की। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द इन दुकानों को पक्का कर दिया जाएगा या फिर उन्हें कहीं और जगह दी जाएगी, लेकिन आज तक न ही दुकानें पक्की हुई और न ही कहीं और जगह मिली।
-संजीव, सेक्टर-53 फर्नीचर मार्केट व्यापारी

कोट्
सूचना मिलते ही करीब ढाई घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था। जांच के दौरान दुकानों से कोई अग्निशमन यंत्र नहीं मिले हैं। यह जांच का विषय है। सुबह से घटनास्थल पर जवान तैनात हैं। कई जगहों पर आग को बुझाया जा रहा है। मामले की छानबीन की जा रही है।
-पीएस गिल, फायर स्टेशन अफसर

कोट्
बीते कई साल से एक ही जगह पर आग लगना यह जांच का विषय है। आग लगाकर सामान का नुकसान ज्यादा दिखाकर दुकानदार इंश्योरेंस के माध्यम से कोई खेल तो नहीं कर रहे हैं, इस पर निगम का फायर विभाग जल्द जांच कर कारणों का पता लगाएगी। अगर कोई दोषी पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल गर्ग, एडिशनल कमिश्नर और चीफ फायर अफसर

कोट्
स्टाफ की मदद से सामान बाहर निकाला गया
रात को किसी का फोन आया कि शोरूम में आग लगी हुई है। इसके बाद मौके पर पहुंचा तो आग की लपटें बाहर आ रही थीं। स्टॉफ की मदद से किसी तरह से और सामान को बाहर निकाला गया, लेकिन किन कारणों से लगी अभी तक कुछ नहीं पता चल सका है।
-राम प्रवेश, दुकानदार, फर्नीचर मार्केट

कोट्
कुछ नहीं पता कैसे हुआ-
यह सब कैसे हो गया कुछ नहीं पता। पिछले कई साल से इस मार्केट में आग लग रही है, लेकिन आज यह नहीं पता कि आग कैसे लग जाती है। दुकान में रखे करीब 5 लाख रुपये का फर्नीचर जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। इसका जिम्मेवार कौन है कुछ नहीं पता।
-मुरारी, दुकानदार, फर्नीचर मार्केट

कोट्
इस मार्केट में कई बार लग चुकी है आग
दुकानदारों ने बगल वाली गली में भी कब्जा कर रखा है और वहां पर सामान का ढेर पड़ा होता है। अगर वहां पर सामान न होता तो शायद उनके दुकान तक आग न पहुंच पाती। यह पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी कई बार आग लग चुकी है, लेकिन हर बार के मुकाबले इस बार आग काफी ज्यादा भीषण थी।
-पवन, दुकानदार, फर्नीचर मार्केट

कोट्
इधर-उधर था अफरा-तफरी का माहौल
रात करीब 9 बजे तक दुकान बंद कर घर चले गए थे। 10.30 बजे के आसपास सूचना मिली कि दुकान में आग लगी हुई है। इसके बाद फौरन दुकान में आया तो देखा कि सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। इधर-उधर अफरा तफरी का माहौल था। फायरकर्मी आग पर काबू पा रहे थे।
-नमन, दुकानदार, फर्नीचर मार्केट

कोट्
रात 9 बजे बिजली होती है कट
लाइट हर रोज 9 बजे बंद कर दी जाती है, जिसके बाद हम लोग अपनी दुकानें बंद कर घर चले जाते हैं। इतनी भीषण आग कैसे लग गई, इसके बारे में कुछ नहीं पता। पिछली बार भी पास के कई दुकानों में आग लग चुकी है। हमारी मार्केट एसोसिएशन भी कई बार प्रशासन से मिलकर अलग जगह देने की मांग की है, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-कवरदीप सिंह, दुकानदार, फर्नीचर मार्केट

कोट्
लाखों का सामान जलकर हुआ खाक
इस आग से दुकान और गोदाम से लाखों का सामान जलकर खाक हो गया है, लेकिन अभी यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है कि कुल कितने का नुकसान हुआ है। फिलहाल, जले हुए फर्नीचर को अलग किया जा रहा है। इसके बाद ही पता लग सकेगा कि क्या-क्या जले हैं।
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-ओम प्रकाश, दुकानदार

कोट्
19 साल से कई बार लग चुकी है आग
आग कैसे लगी इसके बारे में कुछ नहीं मालूम, लेकिन यह जरूर है कि पिछले 19 साल से इस मार्केट में कई बार आग लग चुकी है। हर बार आग लगने की वजह से लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है।
-राजकुमार, दुकानदार
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