पीजीजीसीजी-11 के प्रोफेसर की
सर्विस बुक से टैम्परिंग, केस दर्ज
सबहेड
आरटीआई कार्यकर्ता आरके सिंगला के आरोप, प्रोफेसर भंडारी को फायदा पहुंचाने को की गई छेड़छाड़
- लंबी जांच के बाद दर्ज हुआ केस, गलत रिपोर्ट देने वाले दो पुलिसकर्मियों की भी जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीजीसीजी-11 में सेवाएं दे रहे फिजिक्स के प्रोफेसर राजीव भंडारी की सर्विस बुक व अन्य दस्तावेजों से छेड़छाड़ के मामले में लंबे समय बाद यूटी पुलिस ने केस दर्ज किया है। मामले में लंबी जांच के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ सेक्टर-3 थाने में साजिशन योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
मामले को उजागर करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता राजिंदर के सिंगला के आरोप हैं कि प्रो. आरके भंडारी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने के लिए उनकी सर्विस बुक व अन्य दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई। आरोप हैं कि इससे सरकारी कोष को भारी नुकसान पहुंचा है। राजिंदर के सिंगला के मुताबिक राजीव भंडारी की सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक फॉर वुमन में सेवाएं प्रदान करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 1994 थी लेकिन इसे टैम्पर्ड कर अंकित तिथि को 01 अगस्त 1994 कर दिया गया। आरोप हैं कि प्रो. आरके भंडारी की सर्विस बुक से यह टैम्परिंग उन्हें सीनियर स्केल और सलेक्शन ग्रेड के तहत मिलने वाले लाभ दिलाने के लिए की गई।
आरोप हैं कि उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और फिर प्रोफेसर पद पर पदोन्नत कराने के लिए सर्विस बुक से साजिशन छेड़छाड़ की गई। थाना पुलिस ने केस दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है ताकि पता लग सके कि आखिर सर्विस बुक से किसने छेड़छाड़ की और ऐसा करने वाले लोग कौन-कौन हैं। मामले के संबंध में राजिंदर के सिंगला ने 15 अक्टूबर 2015 को एसएसपी विंडो पर भी शिकायत की थी। मामले की रिपोर्ट एसआई बहादुर सिंह और सेवानिवृत्त एसआई गियारसी लाल ने तैयार की थी लेकिन उक्त पुलिसकर्मियों के गलत रिपोर्ट दाखिल करने पर राजिंदर के सिंगला ने मामले की शिकायत पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी से की थी। पीसीए ने जांच में उनकी तरफ से पुलिसकर्मियों पर लगाए आरोप सही पाए थे। इस पर पीसीए ने बीते दिनों एसएसपी यूटी को आरोपी पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए थे।