दवाओं के सैंपल फेल होने पर कंपनी के केमिस्ट को सात साल कैद
होशियारपुर। अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश रणजीत कुमार की अदालत ने एंटीबायोटिक दवाओं का सैंपल फेल होने पर कंपनी के केमिस्ट को सात साल की सजा व तीन लाख रुपये जुर्माने के आदेश दिए। जुर्माना न देने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। उल्लेखनीय है कि ड्रग इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने दिसंबर 2013 में सिविल सर्जन होशियारपुर एवं राजेश सूरी जोनल लाइसेसिंग अथॉरिटी होशियारपुर के आदेश पर मुकेरियां में एक केमिस्ट की दुकान से एंटीबायोटिक दवाओं के सैंपल भरे थे। दवाएं हिमाचल के कांगड़ा के टेरिस में स्थित एक कंपनी ने तैयार की थी। ड्रग इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने बताया कि पहले सैंपल स्टेट प्रयोगशाला में भेजा तो फेल हो गया। फिर इसे कंपनी ने चैलेंज किया तो फिर जांच के लिए सेंट्रल ड्रग प्रयोगशाला कोलकाता भेजा गया। कोलकाता में भी सैंपल फेल हो गया। इसके बाद केस सीजीएम कोर्ट में दायर किया गया, यहां से केस को सेशन कोर्ट भेज दिया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रणजीत सिंह ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कंपनी से संबंधित केमिस्ट नरिंदर कुमार राठौर को दोषी पाने पर सजा के आदेश दिए।