दुराचार आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
नेपाली लड़की को दिया था सरकारी नौकरी का झांसा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। जिला व सेशन जज फरीदकोट की अदालत ने नेपाली लड़की को सरकारी नौकरी का झांसा देकर दुराचार करने के आरोप से घिरे फरीदकोट के बहुचर्चित नाबालिग छात्रा के अपहरण व दुराचार मामले में पीड़ित पिता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली पुलिस ने 27 सितंबर को फरीदकोट निवासी लड़की की शिकायत पर पड़ताल के बाद दुराचार का केस दर्ज किया गया था। खुद को बेकसूर बताते हुए आरोपी ने जिला अदालत के पास अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
पुलिस को 26 वर्षीय नेपाली लड़की ने शिकायत दी थी कि वह 2016 में एक निजी मोबाइल कंपनी के शोरूम पर काम करती थी, जहां फरीदकोट निवासी आरोपी बतौर ग्राहक आता जाता था। जुलाई 2018 में फेसबुक पर उसने उससे दोस्ती कर ली। वारदात से एक माह पहले आरोपी ने लड़की को फोन कर हालचाल पूछा और कहा कि अब वह क्या काम करती है। जब लड़की ने कहा कि वह सरकारी नौकरी की तलाश कर रही है, तब उसने झांसा दिया कि उसकी पत्नी सरकारी नौकरी करती है, वह तुझे भी नौकरी पर लगवा देगी। बयान के मुताबिक 31 अगस्त को आरोपी ने लड़की को फोन पर बताया कि उनके घर पर सरकारी विभाग वाले आए हैं और वह अपने प्रमाण पत्र लेकर घर पर आ जाए। जब लड़की घर पहुंची तो वह अपने घर पर अकेला ही था। वहां आरोपी ने उसके साथ दुराचार किया और धमकी दी कि उसने दुराचार की वीडियो बना ली है अगर किसी को कुछ बताया तो वह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की हिदायत पर छात्रा के पीड़ित परिवार को 90 लाख का मुआवजा देने के लिए दोषी निशान सिंह के परिवार की प्रापर्टी अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।