चंडीगढ़। ईएमआरएस परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने सॉल्वर और वास्तविक अभ्यर्थी को तीन-तीन साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों की पहचान हिसार निवासी विक्रम लोहान और फतेहाबाद निवासी बलविंदर सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार 17 दिसंबर 2023 को सेक्टर-40 स्थित शारदा सर्वहितकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ईएमआरएस परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान बलविंदर सिंह के बायोमीट्रिक फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हुआ। इसके बाद दिल्ली से आई टीम ने परीक्षा केंद्र पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि बलविंदर की जगह विक्रम लोहान परीक्षा दे रहा था। पूछताछ में विक्रम ने बलविंदर की जगह परीक्षा देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420 और 120बी के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
इन पदों के लिए होती है ईएमआरएस परीक्षा
ईएमआरएस यानी एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है। इसके माध्यम से प्रिंसिपल, पीजीटी, टीजीटी, हॉस्टल वार्डन और अकाउंटेंट समेत विभिन्न पदों पर भर्ती होती है। इन आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य विशेष रूप से जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।