पंचकूला। सौतेले पिता की मारपीट और मां द्वारा समर्थन नहीं करने से तंग एक नाबालिग ने फैमिली कोर्ट पंचकूला में याचिका दायर कर अपने असली पिता के पास जाने की गुहार लगाई है। अदालत ने नाबालिग बच्चे की कस्टडी 20 दिन के लिए असली पिता को दे दी है। नाबालिग बच्चे के एडवोकेट मनोज अरोड़ा ने बताया कि नाबालिग सौतेला पिता प्रवीण मलिक और मां निधि घर के साथ रह रहा था। सौतेला पिता उसे मारता पीटता था। घर के बर्तन साफ करवाता था। तीन-चार माह पहले उसने अपने सौतेले पिता के खिलाफ कालका थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद एसएचओ ने उसे समझा कर भेज दिया था। दो दिन बाद फिर से वही घटना दोहराने लगा।
उसकी माता भी साथ नहीं देती थी। उसके खिलाफ हो रहे दुर्व्यवहार के बारे में पड़ोसी भी उसकी मां से कहते थे, लेकिन वह कुछ नहीं बोलती थी। लोगों ने यह भी कहा था कि नाबालिग बच्चे की कस्टडी उसके पहले पिता को दे दें। 23 नवंबर 2021 को डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल परवाणु की प्रबंधन समिति ने एक खुलासा किया। इसमें उन्होंने बच्चे को यह कहते सुना कि वह अपनी जिंदगी से तंग आ चुका है। जीना नहीं चाहता। इसके बाद स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. हरनीत कौर ने चाइल्ड वेलफेयर काउंसिल को यह पूरी जानकारी दी। बच्चे ने बताया कि उसे अपने सौतेले पिता से जान का खतरा है, क्योंकि उसने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी थी। इसे बाद बच्चे को बाल निकेतन सेक्टर-2 पंचकूला में रखा गया। 23 नवंबर 2021 से वहीं रह रहा था।