कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद भारत में भी हड़कंप मचा हुआ है। एहतियात के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस दौरान कुछ लोगों ने ट्रैफिक पुलिस व चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र लिखकर ड्राइवर की शराब चेक करने वाले ब्रीथ एनालाइजर पर रोक लगाने की मांग की है।
उनका कहना है कि शराब चेक करने के दौरान जब ड्राइवर फूंक मारते हैं तो इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। लोगों से पत्र मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में पीजीआई डायरेक्टर को पत्र लिखकर राय मांगी है कि क्या इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। क्या ब्रीथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। पीजीआई डायरेक्टर ने इस पत्र को इंटरनल मेडिसिन को बढ़ा दिया है। अब डिपार्टमेंट के एक्सपर्ट ही इस पर अपनी राय देेंगे।
इस संबंध में एडवोकेट पंकज चांदगोठिया व अजय जग्गा ने पत्र लिखकर अगले कुछ दिनों के लिए ड्रंक एंड ड्राइव के नाके लगाने पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए एक अलग पाइप का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है और शक की कोई गुंजाइश न हो, इसलिए पीजीआई से पुख्ता राय मांगी है। वहां से राय मिलने के बाद ही ट्रैफिक पुलिस कोई फैसला लेगी। दरअसल, इस समय कोरोना काफी तेजी से फैल रहा है। लोग भी थोड़े पैनिक है। वे जानना चाहते हैं कि कैसे इस वायरस से बचे रहें। यह सांस से फैलने वाली घातक बीमारी है।