चंडीगढ़ में शनिवार को कोरोना का कोई संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया। पीजीआई में दाखिल एक संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट शनिवार को देर शाम निगेटिव आई है। वहीं, जीएमसीएच में दाखिल मरीज की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। पीजीआई और जीएमसीएच में शुक्रवार को एक-एक संदिग्ध मरीज को भर्ती कराया गया था।
जानकारी के अनुसार पीजीआई में भर्ती संदिग्ध मरीज की जांच का नमूना शनिवार सुबह लिया गया था। देर शाम उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं जीएमसीएच में भर्ती दूसरे मरीज की जांच नमूना गड़बड़ होने के कारण नहीं हो सकी। उससे दोबारा जांच का नमूना लेकर पीजीआई भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक चंडीगढ़ में कोरोना के 14 संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। उन सभी मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
पंजाब विश्वविद्यालय व पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में 31 मार्च तक छुट्टियां
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) व पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) ने 31 मार्च तक छुट्टियां घोषित कर दी हैं। साथ ही हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को अपने घर जाने को कह दिया है। साथ ही अपने स्टाफ को गैर जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है। पीयू ने सभी एग्जाम भी निरस्त कर दिए हैं। साथ ही सभी लाइब्रेरी बंद रहेंगी। इसके अलावा पीयू में 17 मार्च को होने वाला झंकार कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है।
मालूम हो कि पीयू में हाल ही में एक छात्र में कोरोना होने के लक्षण मिले थे। उसके बाद हड़कंप मच गया था। पीजीआई ने छात्र के सैंपल जांच को भेेजे थे हालांकि रिपोर्ट निगेटिव आई है। दूसरी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। बता दें कि देशभर में कोरोना वायरस का खौफ है। इसके चलते शिक्षण संस्थान बंद हो रहे हैं।
शनिवार को पीयू रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह ने आदेश जारी किए हैं कि 31 मार्च तक पीयू बंद रहेगा। पीयू के क्षेत्रीय केंद्र, संबद्घ कॉलेजों में भी अवकाश रहेगा। छात्रों को छात्रावास खाली करने की सलाह दी है। चाहें तो विद्यार्थी रुक भी सकते हैं। मिड सेमेस्टर टेस्ट, मूल्यांकन आदि भी स्थगित किए गए हैं। संगोष्ठी, सम्मेलन, कार्यशालाएं, किसी भी समूह की गतिविधियां भी नहीं होंगी।
पेक ने कहा छात्र 72 घंटे में छोड़ दें हॉस्टल
इसी तरह पेक प्रशासन ने शनिवार को बैठक की और 31 मार्च तक सभी कक्षाएं निलंबित कर दीं। यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर अवकाश 13 अप्रैल तक भी बढ़ाया जा सकता है। 72 घंटे में विद्यार्थियों से छात्रावास छोड़ने को कहा गया है लेकिन यह भी कहा है कि जिन विद्यार्थियों के सामने मजबूरी है तो वह डीन स्टूडेंट वेलफेयर से अनुमति लें। विदेशी विद्यार्थी हॉस्टलों में रुक सकेंगे। इनके अलावा एमटेक द्वितीय ईयर, पीएचडी विद्यार्थी जो विदेशी हैं वह हॉस्टल में रह सकते हैं। पीएचडी के विद्यार्थियों का शोधपरक कार्य होने के कारण वह संस्थान में आ-जा सकेंगे।
50वां अखिल भारतीय नृत्य एवं संगीत सम्मेलन स्थगित
कोरोना वायरस का ग्रहण अब कला पर भी लगने लगा है। इसी के चलते सिटी में कई कार्यक्रम कैंसिल हो गए। ऐसा ही फैसला शनिवार को प्राचीन कला केंद्र ने लिया। प्रेस क्लब सेक्टर- 27 में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र के सचिव सजल कौसर ने बताया कि 16 से 22 मार्च तक टैगोर थियेटर में होने वाले 50वें अखिल भारतीय भास्कर राव नृत्य एवं संगत सम्मेलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में देश के सुप्रसिद्ध कलाकार भाग लेने वाले थे, लेकिन कोरोना को देखते हुए प्राचीन कला केन्द्र की कार्यकारिणी समिति ने आकस्मिक बैठक बुलाई। इसमें एकमत से सम्मेलन को स्थिगित करने का फैसला लिया गया। प्रोग्राम की अगली तारीख बाद में घोषित की जाएगा। इसके अलावा सिटी में कई लेडीज क्लब ने अपने कार्यक्रम कैंसिल कर दिए हैं।
क्राफ्ड की बैठक स्थगित
चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) की कार्यकारिणी कमेटी की रविवार को होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई है। क्राफ्ड की कोर कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया। अगली तिथि 31 मार्च के बाद में तय होगी। क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी ने बताया कि शहर की अधिकांश आरडब्ल्यूए की मांग पर यह फैसला लिया गया है। अधिकांश आरडब्ल्यूए ने कोरोना वायरस के कारण बैठक स्थगित करने की मांग की थी। हितेश पुरी ने बताया कि क्राफ्ड से संबंधित आरडब्ल्यूए ने 31 मार्च तक बैठकें स्थगित करने का फैसला लिया है।
आंगनबाड़ी बंद
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में चलने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को 31 मार्च तक बंद करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारी और हेल्पर्स केंद्र में आएंगे। इस दौरान उन्हें अन्य फील्ड के कामों में लगाया जाएगा। इसके अलावा शहरवासियों को सलाह की गई है कि वे केंद्र सरकार की विभिन्न एडवाजरी का पालन करें और अगले कुछ दिन तक भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचें।
सीटीयू की बसों की सेनेटाइजेशन शुरू
कोरोना वायरस के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन ने सीटीयू की सभी बसों को कीटाणु रहित (सेनेटाइज) करने का काम शुरू कर दिया है। शनिवार को कई सरकारी दफ्तरों, सीटीयू की बसों सहित आईएसबीटी-17 और 43 पर छिड़काव किया गया। इसके अलावा आईएसबीटी-17 और 43 पर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए पोस्टर और बोर्ड लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
सीटीयू के डायरेक्टर उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि कोरोना वायरस के फैलने के खतरे के बीच प्रतिदिन यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने से पहले सीटीयू के बस डिपो में सभी बसों की साफ-सफाई कराने के साथ दवाइयों का छिड़काव किया जाएगा। बसों में चढ़ने के लिए हैंड रेलिंग, बस के दरवाजे, कुर्सियां इत्यादि की सफाई और उन्हें सेनेटाइज करने पर बल दिया जाएगा, क्योंकि ऐसी जगहों पर यात्री अपना हाथ रखते हैं।
इसके अलावा सीटीयू की ओर से कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैलाने के मकसद से सभी प्रमुख बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए ‘क्या करें, क्या न करें’ के पोस्टर और बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इन डिस्प्ले बोर्ड्स पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में यात्रियों को जागरूक करने संबंधी संदेश लिखे हैं। सीटीयू के अधिकारियों का मानना है कि इससे कोरोना वायरस की रोकथाम और जागरूकता फैलेगी और लोग वायरस को लेकर सतर्क होंगे।
ज्यादातर मल्टीप्लेक्स में गिरा व्यवसाय, प्रबंधकों ने किए सुरक्षा के इंतजाम
देश में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ते ही अब लोगों ने सुरक्षा के लिहाज से घर में बैठना ही बेहतर समझा है। हालात ये हैं कि छुट्टी के दिन फुल रहने वाले ज्यादातर मल्टीप्लेक्स के टिकटों में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आई है। हालांकि मल्टीप्लेक्स के प्रबंधकों का कहना है कि हमने सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए हैं।
शनिवार को शहर के विभिन्न मल्टीप्लेक्स के हालात का अमर उजाला के रिपोर्टरों ने जायजा लिया। इस दौरान सभी मल्टीप्लेक्स के प्रबंधक चुस्त मिले। मल्टीप्लेक्स में अंदर जाने वाले और बाहर आने वाले रास्तों पर सेनेटाइजर रखे गए हैं। कुछ मल्टीप्लेक्स में मशीनें भी लगाई गई हैं। जहां लोगों के शरीर का तापमान देखने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया जा रहा है। किसी संदिग्ध व्यक्ति जिसे सर्दी या खांसी है उसे और बेहतर तरीके से जांच करके ही अंदर जाने दिया जा रहा है।
कर्मचारी भी मास्क में दिख रहे थे। साथ ही अंदर जाने वाले लोगों को मास्क पहनने की अपील कर रहे थे। एलांते, फन रिपब्लिक, सेंट्रा मॉल में प्रतिदिन की तुलना में कम ही लोग दिख रहे थे। शनिवार और रविवार छुट्टी का दिन होने के बावजूद ज्यादातर लोगों ने ऑनलाइन टिकट की बुकिंग को कैंसिल करा दिया। मॉल प्रबंधकों ने बताया कि हाल ही में 30 से 40 प्रतिशत तक टिकट बुकिंग में कमी आई है। लोग सुरक्षा के लिहाज से टिकट बुक नहीं करा रहे हैं या कैंसिल करा हैं। हालांकि यहां भी पूरी तरह से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मास्क व सेनेटाइजर की कालाबाजारी फिर शुरू
कोरोना के खौफ के चलते मास्क और सेनेटाइजर का मार्केट बूम पर है। संक्रमण से बचाव के लिए लोग मुंहमांगी कीमत अदा कर इनकी खरीद कर रहे हैं।
मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी रोकने केलिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने तीन टीमों का गठन किया है। उनमें से एक टीम ने दो दिनों तक छापामारी कर गड़बड़ी भी पकड़ी थी लेकिन उसके बाद से कार्रवाई ठप है। दुकानदार फिर से पुराने ढर्रे पर हैं। मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी धड़ल्ले से की जा रही है।
जांच के लिए चंडीगढ़ को तीन भागों में बांटा गया था। सेंट्रल, साउथ और ईस्ट। इन तीनों टीमों में ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ अलग-अलग विभागों के आला अधिकारियों को शामिल किया गया था। इसमें से साउथ की टीम ने 6 और 7 मार्च को छापामारी कर दो दर्जन से ज्यादा दुकानों की जांच की थी।
इस दौरान सेक्टर 32, 45, 37,38, 42 और 21 की दवा की दुकानों पर मास्क और सेनेटाइजर की खरीद बिक्री से संबंधित रिकार्ड उपलब्ध नहीं हो पाए थे। इसके बाद 17 दुकानों को नोटिस भेजा गया था। उस दौरान मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी पूरी तरह बंद हो गई थी लेकिन अब फिर से वही हाल है।
दो टीमों को छापेमारी के लिए नहीं मिला समय
इन तीन टीमों में से केवल साउथ ने दो दिनों तक औचक जांच कर मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी रोकने का प्रयास किया। ईस्ट और सेंट्रल की टीमों को तो 14 दिन बाद भी जांच के लिए समय नहीं मिल पाया है।
हेल्पलाइन नंबर पर शिकायतों का दौर जारी है
मास्क और सेनेटाइजर की कालाबाजारी रोकने के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 9779558282 पर अब तक 164 कॉल आ चुकी है। इसमें 90 प्रतिशत कॉल मास्क और सेनेटाइजर की बिक्री में गड़बड़ी को लेकर हैं।
सेनेटाइजर से हाथ साफ करने के बाद ही गोशाला में प्रवेश कर सकेंगे भक्त
कोरोना वायरस की वजह से सेक्टर 45 स्थित गोशाला में अब गो भक्त सेनेटाइजर से हाथ साफ करने के बाद ही प्रवेश कर सकेंगे। गोशाला का संचालन गौरी शंकर सेवादल की ओर से किया जा रहा है। गौरी शंकर सेवादल के प्रधान रमेश कुमार शर्मा निक्कू ने बताया कि गोशाला में 900 से अधिक गोवंश हैं। हर रोज काफी संख्या में गोभक्त पूजा करने, माथा टेकने और गाय को चारा खिलाने के लिए आते हैं।
रोज आम तौर पर पांच सौ से भी अधिक गो भक्त गोशाला में आते हैं। बुधवार को यह संख्या एक हजार से भी अधिक होती है। रमेश कुमार ने बताया कि सोमवार से सभी भक्तों को संस्था की ओर से सेनेटाइजर मिलेगा। इससे हाथ साफ करने के बाद ही गोशाला में प्रवेश कर सकेंगे ताकि कोरोना से बचाव हो सके।
अगले सप्ताह से पैकेट में मिलेगा भंडारे का प्रसाद
सेक्टर 30 स्थित श्री महाकाली मंदिर की ओर से हर शनिवार को आयोजित होने वाले भंडारा का प्रसाद अब बंद पैकेट में मिलेगा। कोरोना वायरस को लेकर मंदिर कमेटी ने यह फैसला लिया है। मंदिर कमेटी के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि 15 साल से मंदिर प्रबंधन की ओर से हर शनिवार को भंडारा का आयोजन होता है।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण अब भक्तों को भंडारा का प्रसाद बंद पैकेट में दिया जाएगा। भक्त अपने घर में जाकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण करेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कोरोना वायरस से सावधानी बरती जाए। इस संबंध में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। हर शनिवार को आठ सौ से भी अधिक भक्तों के लिए भंडारे का प्रसाद बनाया जाता है।